टीबी से ग्रस्‍त मासूम आयुष को गोद लेकर वाराणसी के DM ने पेश की मिसाल, करेंगे उसकी देखभाल

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वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र के जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने रविवार को ट्यूबरकूलर एक्जीलरी लिम्फेडनाइटिस लेफ्ट साइड (एक्स्ट्रा पलम्यूनरी टीबी) से ग्रसित 8 वर्षीय मासूम के घर पहुंचकर उसे गोद लिया तथा उसकी देखरेख का ज़िम्मा लिया।

दरअसल, प्रधानमंत्री द्वारा 2022 तक टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य के क्रम में राज्यपाल द्वारा सभी जनपदों को प्रेरित किया जा रहा है कि जितने भी 18 वर्ष से क्रम उम्र के टीबी ग्रस्त बच्चे हैं उन्हे हर वर्ग के लोग अपनाकर अपना सामाजिक दायित्व समझते हुए टीबी मुक्त करने में सहयोग दें। जि‍लाधि‍कारी की पहल इसी कड़ी का हि‍स्‍सा है।

सिगरा थानांतर्गत अन्नपूर्णा नगर निवासी अजय सिंह के घर के सामने जब जिलाधिकारी वाराणसी का काफिला रुका तो उनकी ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा। अजय सिंह के 8 वर्षीय पुत्र आयुष को ट्यूबरकूलर एक्जीलरी लिम्फेडनाइटिस लेफ्ट साइड (एक्स्ट्रा पलम्यूनरी टीबी) है। उन्हें मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय से पूर्व में सूचना मिली थी कि जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा सरकार की मंशा के अनुरूप आयुष को गोद लेना चाहते हैं।

जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा के साथ मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ वीके सिंह भी अजय सिंह के घर पहुंचे। जिलाधिकारी ने बच्चे की जिम्मेदारी लेते हुए उसे और उसके परिजनों से मुलाकात की एवं विस्तार से चर्चा के बाद दवाइयों के नियमित सेवन एवं खान-पान के बारे में विस्तृत रूप से समझाया।

जिलाधिकारी ने बच्चे को 15 दिन के लिए नारंगी, गुड, मूंगफली से बनी मिठाईयां इत्यादि देते हुए बताया कि प्रत्येक दिन दवा के साथ-साथ फल एवं मिठाई भी खाओ एवं इसका फोटो भी सुरक्षित रखना।

इसके अलावा जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा साक्षी साह, उम्र लगभग 12 वर्ष निवासी हबीबपुरा जो पाट्स स्पाईन (एक्स्ट्रा पलम्यूनरी टीबी) से ग्रसित है की जिम्मेदारी ली गयी है। सीएमओ ने बच्चे के घर जाकर उससे मुलाकात की और उसे दवाइयों का नियमित सेवन एवं खान-पान के बारे में बताते हुए 15 दिनों के लिए फल इत्यादि दिया।

मुख्य चिकित्साधिकारी से प्राप्त सूचना के आधार पर जनपद में 18 वर्ष से कम उम्र के लगभग 500 बच्चे टीबी ग्रस्त हैं। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा 2022 तक टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य के क्रम में जिलाधिकारी वाराणसी कौशल राज शर्मा के निर्देश पर मुख्य चिकित्साधिकारी ने 500 बच्चों को विभिन्न सामाजिक सगठनों (सीडीओ कार्यालय, सीएमओ कार्यालय, जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय, रेड क्रास सोसायटी, लायंस क्लब, रोटरी क्लब, उद्योग व्यापार मण्डल एवं आईएमए इत्यादि) को एडाप्ट करवाया गया।

सभी एडाप्ट बच्चों की जिम्मेदारी लेने वाले संस्थाओं को आग्रह किया गया है कि अपनी-अपनी जिम्मेदारी पर बच्चों को उनके घर जाकर मिले साथ ही बच्चों को दवाईयां लेने का क्रम समझायें तथा अगले 15 दिनों के लिए मूंगफली, गुड, चना, सत्तू व मौसमी फल आदि उपलब्ध करायें जिसका सेवन वे 15 दिन तक कर सकें।

इस दौरान आरएनटीसीपी के चिकित्साधिकारी डा वीके सिंह, क्षेत्रीय सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाईजर धर्मेन्द्र सिंह एवं टीबी हेल्थ विजीटर संदीप कौशल उपस्थित रहे।

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