जब बाईक से निरीक्षण करने नि‍कले बनारस के IAS अफसरान, जल्‍द मि‍ल सकती है काशी को ये सौगात

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वाराणसी। दोपहर के 2 बजे थे और कमिश्नर दीपक अग्रवाल की गाड़ी के पहिये वरुणा पुल से कॉरिडोर की तरफ नीचे उतर गए। उनके साथ नगर आयुक्त गौरांग राठी और वाराणसी वि‍कास प्राधि‍करण के उपाध्‍यक्ष राहुल पांडेय भी मौजूद थे। अधिकारी गाड़ी से उतरे और कुछ देर मंत्रणा के बाद मातहतों की बाईक पर बैठकर चौकाघाट वरुणा पुल की तरफ चल दिए। कुछ देर निरीक्षण के बाद वापसी हुई तो कमिश्नर खुद बाईक चलाते दि‍खे।

कमिश्नर बाईक से उतरे और एक ठंडी सांस ली। हमने उनसे बात की तो उन्होंने कहा कि जल्द ही हम वरुणा पुल कचहरी से चौकाघाट पुल तक वरुणा कॉरिडोर के किनारे ई-रिक्शा और बाईक संचालन की तरफ अग्रसर हैं। इसी क्रम में आज ये बाईक इंस्पेक्शन किया गया है।

वरुणा कॉरिडोर के किनारे बाईक से फर्राटा भरते कमिश्नर दीपक अग्रवाल को देख अधिकारी भी सकते में थे। कॉरिडोर का निरीक्षण करने बाईक से निकले कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने जगह-जगह रुक कर साथ चल रहे नगर आयुक्त गौरांग राठी और वीसी वीडीए से वार्ता कर कर्मचारियों को समस्याएं और सुझाव नोट कराते रहे। इस दौरान सिंचाई विभाग के अधिकारियों और लोक निर्माण विभाग के अधिकारीयों से भी मंत्रणा हुई।

बनेगा ई-रिक्शा-बाइक कॉरिडोर
कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने इस सम्बन्ध में बताया कि सिंचाई विभाग द्वारा वरुणा नदी के दोनों किनारों पर कॉरिडोर डेवलेप कर रहा है। हमने शहर की जाम की समस्या को देखते हुए इस कॉरिडोर को ई-रिक्शा और टू-व्हीलर के लिए एक कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की योजना बनायी है, जल्द ही इसपर काम शुरू हो जायेगा। हमने आज निरीक्षण कर बीच में पड़ने वाली दिक्कतों को देखा है। हमारे साथ नगर आयुक्त, वीसी वीडीए, सिंचाई विभाग के अधिकारी, लोक निर्माण विभाग और पर्यटन विभाग के अधिकारी भी साथ में थे सभी से राय ली गयी है।

सिल्ट का होगा पुख्ता इंतज़ाम
कमिश्नर ने बताया कि बरसात के समय गंगा की बाढ़ के बाद वरुणा में उफान आ जाता है, जिसकी वजह से यहाँ मार्ग बाधित होगा और बाढ़ ख़त्म होने के बाद सिल्ट भी रहेगी। अभी भी सिल्ट बहुत है क्योंकि इसबार ज़्यादा दिनों तक पानी रहा है। हम इसके लिए पुख्ता इंतज़ाम करेंगे और हर वर्ष पानी उतरने के बाद किसकी ज़िम्मेदारी होगी वह सिल्ट साफ़ करेगा और उसपर कितना खर्चा आएगा वो सब देखा जाएगा।

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