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वाराणसी। तीनो लोकों से न्यारी काशी में बाबा विश्वनाथ के शादी का उत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। विवाह के सभी रस्मो को टेढ़ी नीम स्थित मंहत कुलपति तिवारी के आवास पर निभाया गया। इस दौरान बाबा भक्तों के जयकारे से वातावरण भक्तिमय हो गया। विशेष पूजा अनुष्ठान के साथ  विवाह की परम्पराओं का निर्वहन किया गया।

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महाशिवरात्रि पर बाबा भोलेनाथ का विवाह माता गौरा से संपन्न हुआ। इस दौरान  रजत प्रतिमा का श्रृंगार कर भव्य आरती की गयी। 356 वर्षो से चली आ रही लोकपरंपरा के अनुसार महंत डॉ कुलपति तिवारी ने बाबा व गौरा की रजत प्रतिमा की सायंकाल 8 से 9 तक विवाह की परंपरा का निर्वहन कर आरती की।

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इस मौके उपस्थित श्रृद्धालु महिलाओं ने मंगल गीत गाकर माहौल को भक्तिमय कर दिया। सुबह ब्रह्ममुहुर्त में प्रतिमाओं का रुद्राभिषेक के बाद दोपहर मे फलाहर का भोग लगाकर राजसी श्रृंगार किया गया सायंकाल मंगल  गीतों के साथ परंपरा की शुरुआत हुई।

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महंत परिवार बाबा विश्वनाथ रजत प्रतिमाओं के साथ सभी निजी प्रतिमाओं को महाशिवरात्रि पर पुजन के बाद रात्रि मे मंदिर में चारों प्रहर की विशेष आरती संपन्न करायी गयी।

पुजन में महंत परिवार की चारों ईकाई के महंत पंडित शशीभूषण त्रिपाठी, पंडित लोकपति तिवारी,पंडित राजेन्द्र तिवारी, पंडित प्रेम शंकर त्रिपाठी, पंडित उदय शंकर त्रिपाठी,पंडित इन्द भुषण त्रिपाठी, पंडित राजन भूषण, पंडित उदय शंकर,  पंडित  राकेश भूषण त्रिपाठी, पंडित मणिशंकर त्रिपाठी, पंडित शशांकपति, पंडित बृजपति तिवारी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

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