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वाराणसी। केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में चल रही विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और उन्हें तय समयावधि के भीतर पूर्ण करने संबंधी ज़रूरी सुझाव दिये। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय परिसर स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के अतिथि गृह में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मानव संसाधन विकास मंत्री ने कहा कि परियोजनाओं के पूर्ण होने में किसी भी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए और अगर किसी भी कारण से ऐसा हो रहा है तो उसका तुरंत निराकरण किया जाए।

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योजनाओं के लिए नहीं होगी कोई कमी

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मानव संसाधन विकास मंत्री ने वाराणसी व काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के बारे में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विज़न की चर्चा करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय को शिक्षा व ज्ञान का वैश्विक केन्द्र बनाने के लक्ष्य को हासिल करने में किसी भी तरह की कोई अड़चन नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की परियोजनाओं के लिए धन की कोई कमी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का विज़न है कि काशी हिन्दू विश्वविद्यालय पारंपरिक और प्राचीन ज्ञान के साथ साथ आधुनिक शिक्षा के संस्थान के रूप में स्थापित हो।

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काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राकेश भटनागर समेत विश्वविद्यालय के शीर्ष अधिकारियों व वरिष्ठ आचार्यों ने मानव संसाधन विकास मंत्री को बीएचयू में जारी परियोजनाओं की प्रगति के बारे में अवगत कराया।

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मानव संसाधन विकास मंत्री ने कहा कि बनारस की भूमि अध्यात्म और प्राचीन ज्ञान से परिपूर्ण है। यहां स्थित काशी हिन्दू विश्वविद्यालय देश के चुनिंदा प्रतिष्ठित संस्थानों में शुमार हैं जहां का चिकित्सा विज्ञान संस्थान चिकित्सा के क्षेत्र में एक अग्रणी संस्थान है और यहां स्थित आईआईटी सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विशेष स्थान रखता है।

शोध के क्षेत्र में है बीएचयू का रसूख

उन्होंने कहा कि विज्ञान के क्षेत्र में शिक्षा व शोध के लिए बीएचयू के विज्ञान संस्थान का अपना रसूख़ है तो वहीं मानविकी व भाषा ज्ञान संबंधी अन्य विषयों में भी ये विश्वविद्यालय वैश्विक रूप से ख्यातिप्राप्त है। मानव संसाधन विकास मंत्री ने कहा कि इसे ध्यान में रखते हुए काशी हिन्दू विश्वविद्यालय को अंतर्विषयक शोध और अनुसंधान के बड़े केन्द्र के रूप में स्थापित किया जाए जहां चिकित्सा विज्ञान, आयुर्वेद, लाइफ साइंसेज़, मानविकी समेत विभिन्न संकायों के तहत अंतर्विषयक अध्ययन व शोध को गति मिले।

मानव संसाधन विकास मंत्री ने कहा कि वैदिक विज्ञान केन्द्र और भारत अध्ययन केन्द्र, प्राचीन भारतीय ज्ञान के वैज्ञानिक पहलुओं पर शोध को बढ़ावा दें। उन्होंने कहा काशी हिन्दू विश्वविद्यालय को इंस्टिट्यूशन ऑफ एमिनेंस का दर्जा मिलना बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे बीएचयू वैश्विक स्तर पर नए स्तर पर स्थापित होगा।

केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री ने काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में नवनिर्मित एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा गत दिनों लोकार्पित भवनों यथा शताब्दी सुपर स्पेश्यलिटी ब्लॉक, सेन्ट्रल डिसकवरी सेन्टर, सेन्दर फॉर बोन मैरो ट्रांसप्लांट एवं स्टेम सेल रिसर्च सेन्टर एवं सेन्टर ऑफ एक्सिलेंस फॉर मेन्टल हेल्थ के संबंध में जानकारी प्राप्त की और इसके सुचारू रूप से शीघ्र संचालित करने पर ज़ोर दिया।

बैठक के दौरान कुलपति प्रो. राकेश भटनागर ने केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री को विश्वविद्यालय में चल रही विकास्तमक गतिविधियों ख़ासकर शिक्षण, शोध और नवीन भवनों के निर्माण, जिनका कि गत दिनों प्रधानमंत्री ने लोकार्पण किया था, के संबंध में अवगत कराया।

रेक्टर प्रो. वीके. शुक्ला तथा निदेशक, चिकित्सा विज्ञान संस्थान, प्रो. आर के. जैन ने एम्स स्तरीय संस्थान बनाए जाने में केन्द्र सरकार द्वारा की गई अभिनव पहल संबंधी जानकारी दी। वैदिक विज्ञान केन्द्र के समन्वयक डॉ. उपेन्द्र कुमार त्रिपाठी ने वैदिक विज्ञान केन्द्र में संचालित पाठ्यक्रमों के संबंध में बताया। भारत अध्ययन केन्द्र के चेयर प्रोफेसर प्रो. कमलेश दत्त त्रिपाठी एवं प्रोफेसर जुगल किशोर मिश्र ने भारत अध्ययन केन्द्र के कार्यकलापों से अवगत कराया।

इस अवसर पर चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर एस. के. माथुर, कुलसचिव डॉ. नीरज त्रिपाठी, पशु विज्ञान संकाय प्रमुख प्रो. रमा देवी और इंटर यूनिवर्सिटी सेन्टर फॉर टीचर एजुकेशन के निदेशक प्रोफेसर वी. के. त्रिपाठी और आईआईटी बीएचयू के निदेशक, प्रोफेसर पी. के. जैन आदि मौजूद थे।

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