sabotage in Ramnagar Municipality Board (3)
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रामनगर संवाददाता : डॉ राकेश सिंह 

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वाराणसी। रामनगर पालिका बोर्ड की शनिवार को आहूत बैठक अभूतपूर्व हंगामे की भेंट चढ़ गई। सभासदों ने हंगामा तो किया ही उपर से इतना तोड़ फोड़ किया कि मिनी सदन की तस्वीर ही बदल गई। न किसी मुद्दे पर बहस हुई और न ही विकास के अपने एजेंडे को ही आगे बढ़ा पाये। हालांकि चोट लगने और और वी पी बढ़ने का हवाला देते हुए तीन सभासद अस्पताल में भी भर्ती हो गए।

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शनिवार को बोर्ड की बैठक तय एजेंडे के अनुसार शुरू हुई। भाजपा सभासद मुन्ना निषाद के प्रस्ताव पर श्मशान घाट घाट पर शवदाह के लिए प्लेटफॉर्म बनाने पर सर्वानुमति बन गई। इसके बाद लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में शौचालय बनाने का मुद्दा उठा। जिसपर कुछ सभासदों का कहना था कि अस्पताल के पास अपना मद होता है वह खुद बनाये। तो कुछ ने पहले से जर्जर बने शौचालयों को दुरुस्त करने और अन्य जगहों पर शौचालय बनाने का सुझाव दिया। लेकिन यह सुझाव देखते ही देखते गर्मागर्म बहस में बदल गया।

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इस बीच एक महिला सभासद राधा रानी को किसी ने धक्का मार दिया। इस पर पालिकाध्यक्ष रेखा शर्मा ने टोका तो मामला और गर्म हो गया। पालिकाध्यक्ष समेत अन्य महिला सभासद बाहर जाने लगीं तो विरोधी सभासदों ने कुर्सियां चलानी शुरू कर दी। जम कर तोड़ फोड़ होने लगी। शीशे फोड़ दिए गए। सभासद संतोष गुप्ता को हल्की सी चोट लगी तो एम्बुलेंस मंगा ली गई। वो एम्बुलेंस में ले जाये गए तो सभासद हरिशंकर और   मुन्ना निषाद भी खुद जा कर एम्बुलेंस में बैठ कर शास्त्री अस्पताल पहुँच गए।

इधर कुछ सभासद बाहर आ कर धरने पर बैठ गए तो पालिकाध्यक्ष खेमे के सभासद भी महिला सभासदों पर हमले के विरोध में धरने पर बैठ गए। बाद में पालिकाध्यक्ष ने उन्हें समझा कर धरना खत्म कराया। इस तरह पालिका बोर्ड की यह बैठक खत्म हो गई। जबकि जेसीबी खरीद से लेकर कई विकास कार्यो की न्यूनतम निविदा को मंजूरी मिलनी थी।

 प्री प्लांड था हंगामा
रामनगर पालिका बोर्ड की बैठक में जिस तरह तोड़ फोड़ की गई और हंगामा किया गया वह पूरी तरह पूर्व नियोजित लगा। पिछले कई दिनों से पालिका में सभासदों और पालिकाध्यक्ष खेमे में तनाव का माहौल देखने को मिल रहा है। सभासदों के एक गुट ने 18 दिनों तक पालिका ने धरना दिया था। ऐसे में आज का हंगामा विरोध कम नाटक ज्यादा लगा।

बिना खास मुद्दे के जिस तरह सभासदों ने कुर्सियां पटकी। उसके बाद खुद ही एम्बुलेंस मंगा कर अस्पताल पहुँच गए और थोड़ी ही देर बाद वापस पालिका पहुँच का चाय समोसे में व्यस्त हो गए। ऐसे में लोग खुद ही सवाल उठा रहे है कि जब यही करना था तो बैठक हुई ही क्यों।


पहले सेल्फी फिर बवाल
पालिका बोर्ड की बैठक से पूर्व पालिका मेंपहुंचे  सभासदों के जलवो का भी जबाव नही है। पालिका में नया डम्फर खरीद कर लाया गया है। इस डम्फर के साथ सभासदों ने खूब सेल्फी ली और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कैप्शन डाला सभासदों की जीत। लेकिन इसके कुछ ही देर बाद उन्होंने कुछ दूसरी ही कहानी लिख डाली। वही पालिका परिसर में कुछ लोग यह भी कहते सुने गए कि फिर एक धरना प्रदर्शन की बुनियाद आज डाली गई।

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