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वाराणसी/लखनऊ। 15 अप्रैल तक यूपी के 15 जिलों के कोरोना वायरस के मामलों के केवल हॉट स्पॉटइलाकों को सील किया गया हैं ना कि‍ पूरे जि‍ले को। राजधानी लखनऊ में मीडि‍या से बात करते हुए राज्‍य के अति‍रि‍क्‍त प्रमुख सचि‍व गृह/सूचना अवनीश अवस्थी ने ये जानकारी दी है।

उन्‍होंने बताया कि‍ मुख्‍यमंत्री जी ने सुबह 11 बजे बहुत महत्‍वूर्ण बैठक की है। इसमें टीम 11 के सभी अधि‍कारी मौजूद थे। मुख्‍यमंत्री जी की ओर से ये नि‍र्देश दि‍या है कि‍ प्रदेश में कोरोना के 343 पॉजि‍टि‍व केस हैं। इसमें जि‍न जि‍लों में 6 या 6 से ज्‍यादा केस हैं उनमें आगरा, लखनऊ, गाजि‍याबाद, गौतमबुद्ध नगर, कानपुर नगर, वाराणसी, शामली, मेरठ, बरेली, बुलंदशहर, बस्‍ती, सहारनपुर, महाराजगंज और सीतापुर सहि‍त कुल 15 जि‍लों को चुना गया है।

इन 15 जि‍लों में जो हॉटस्‍पॉट हैं वहां पूरी तरह से सख्‍ती की जाएगी। वहां कोई व्‍यक्‍ति‍ जा नहीं पायेगा। इन स्‍थानों पर लॉकडाउन का मतलब पूरी तरह से लॉकडाउन होगा।

अवनीश अवस्‍थी ने बताया कि‍ अभी 3 बजे से सभी जि‍लों के डीएम, एसपी/एसएसपी संग मीटिंग के बाद उनके जि‍लों के हॉटस्‍पॉट एरि‍या के बारे में जानकारी ली जाएगी, प्‍लान और एक्‍शन बनाकर शाम 5 बजे तक मुख्‍यमंत्री जी को रि‍पोर्ट देनी है।


इस संबंध में वाराणसी के जिलाधिकारी की ओर से भी स्पष्ट कि‍या गया है कि‍ सिर्फ उन इलाकों को सील किया जाएगा जहां पर केस मिले हैं। पूरे जिले को सील करने का कोई आदेश अभी तक नहीं मि‍ला है।

उन्‍होंने बताया कि‍ शासन के द्वारा पूरी तरह कोई भी जिला सील करने के नए आदेश नही हैं। हर जिले में कोरोना पॉजिटिव के केसेज़ के एरिया चिह्नि‍त किये जाने हैं, जिन्हें हॉटस्पॉट बोला जाएगा। केवल उन हॉटस्पॉट की ही सीलिंग होनी है। जिले तो पहले से ही सभी लॉकडाउन हैं।

जि‍लाधि‍कारी के अनुसार यह कार्रवाई वारणासी में 4 दिन से ही चल रही है। जिन जिलों में ये हॉटस्पॉट चि‍ह्नि‍त कर एरिया वाइज सीलिंग नहीं की जा रही थी, वही के लिए नए निर्देश हुए हैं।

वाराणसी में डिस्ट्रिक्ट लॉक डाउन और हॉटस्पॉट लॉक डाउन दोनो व्यवस्था शासन के कहने से पहले ही लागू की गई हैं।

फि‍लहाल वाराणसी में मदनपुरा, बजरडीहा, लोहता और गंगापुर इलाके हॉटस्‍पॉट के रूप में चयनि‍त हैं।


बता दें कि‍ हॉटस्‍पॉट को चुनकर उन्‍हें पूरी तरह से बाहरी संपर्क से काट देने की प्रक्रि‍या क्‍लस्‍टर कंटेन्‍मेंट स्‍ट्रैटि‍जी कही जाती है। इसमें वायरस के शुरुआती प्रभाव के सामने आने के साथ ही एक नि‍श्‍चि‍त भूभाग को पूरी तरह से बाहरी संपर्क से काट दि‍या जाता है। ऐसा करने से वायरस का चेन ब्रेक हो जाता है। 2019 मे जीका वायरस के प्रभाव को इसी ‘क्‍लस्‍टर कंटेन्‍मेंट स्‍ट्रैटि‍जी’ के जरि‍ये रोकने में मदद मि‍ली थी। इसके अलावा, मुम्‍बई, आगरा और राजस्‍थान के कोरोना प्रभावि‍त इलाकों में भी ‘क्‍लस्‍टर कंटेन्‍मेंट स्‍ट्रैटजी’ के जरि‍ये काफी सुखद परि‍णाम सामने आये हैं।


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