फेसबुक पर वाहवाही बटोर रही वाराणसी के इस सस्‍पेंड दारोगा की एक पोस्‍ट

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वाराणसी। रविवार की रात बीएचयू के सिंहद्वार के पास पुलिस और छात्रों के बीच कहासुनी और उसके बाद फिर छात्रों की पिटाई का रुख ये रहा कि देर रात आरोपी दरोगा प्रकाश सिंह को ‘साहब’ ने संस्पेंड कर दिया पर शायद साहब को अपने पुलिसकर्मी को पहचानने में गलती हो गयी।

ताकि‍ खत्‍म हो वि‍वाद…
सस्पेंशन के बाद काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के एक छात्र गुट ने सस्पेंड दरोगा का सोशल मिडिया पर पक्ष लेना शुरू कर दिया और दारोग पर हुई कार्रवाई को गलत ठहराने लगे। दारोगा का समर्थन करने उतरे छात्र गुटों ने पुलि‍स अफसरों को भी खूब खरी खोटी सुनाई। आखि‍रकार अपने अफसरों के समर्थन में खुद सस्‍पेंड दारोगा उतरना पड़ा। उन्‍होंने फेसबुक पर एक पोस्ट लिखकर पूरे वि‍वाद को खत्‍म करने की गुजारि‍श की है।

ये है पूरा मामला
गौरतलब है कि‍ पि‍छले कुछ वर्षों से काशी हिन्दू विश्वविद्यालय का आये दि‍न के बवालों से जैसे गहरा नाता जुड़ चुका है। बीते रविवार की देर रात भी छात्रों के दो गुट लंका थाने के मालवीय चौराहे पर आपस में भि‍ड़ गये। आरोप है कि‍ इस दौरान बीच-बचाव कर मामला शांत करवाने पहुंचे लंका थाने के कांस्‍टेबल सुमित सिंह को एक गुट के छात्रों ने मारपीट कर चोटिल कर दिया। बाद में पुलिस ने अपने कांस्‍टेबल की तहरीर पर अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लि‍या। घटना की सूचना मिलते ही सीरगोवर्धनपुर चौकी इंचार्ज अमरेंद्र पांडेय और चितईपुर चौकी इंचार्ज प्रकाश सिंह मालवीय चौराहे पर पहुंचे और दोनों गुटों को थाने ले आये।

छात्र गुट ने लगाया आरोप, रातों रात हुए सस्‍पेंड
यहां छात्रों ने चितईपुर चौकी प्रभारी पर गंभीर आरोप लगाए कि उन्होंने हमें सिर्फ मारा पीटा ही नहीं बल्कि अपनी सरकारी बन्दूक से भी प्रहार किया है, जिससे हम घायल हुए है। इस सूचना पर सैकड़ों छात्रों ने थाने का घेराव कर दि‍या। आनन-फानन में देर रात ही एसपी सिटी और एडीएम सिटी भी लंका थाने पहुंचे और घटना की जानकारी ली गयी। साथ ही चि‍तईपुर चौकी इंचार्ज दरोगा प्रकाश सिंह को भी सस्पेंड कर दिया गया।

दूसरे गुट ने खोल दि‍या मोर्चा
इसके बाद विश्वविद्यालय के एक छात्र गुट ने सोशल मीडिया पर चितईपुर चौकी इंचार्ज के समर्थन में मोर्चा खोल दिया और उनके सस्पेंशन को जल्दीबाज़ी में लिए गया फैसला बताया। छात्र गुट ने पूरे मामले में वाराणसी के पुलि‍स आलाधि‍कारि‍यों को भी खूब खरी-खोटी सुनाई।

और फि‍र खुद दारोगा ने की अपील
पूरे मामले में पुलि‍स अफसरों को पि‍सता देख आखि‍रकार मंगलवार को सस्पेंड हुए चौकी प्रभारी प्रकाश सिंह ने फेसबुक की अपनी वाल पर एक पोस्ट लि‍खा, जिसके बाद दरोगा की प्रशंसा महकमे के साथ साथ आम जनमानस में भी हो रही है।

दरोगा प्रकाश सिंह ने लिखा है…
”मेरे सारे छोटे भाइयों, बड़े भाइयों, मित्रों और मेरे एफबी आईडी से जुड़े मेरे मित्रगण…मैंने आप सभी की पोस्ट देखी… सम्मान का तहेदिल से धन्यवाद है…लेकिन मेरे विभाग और मेरे सीनियर ऑफिसर द्वारा लिए गए डिसीज़न शांति व्यवस्था को बनाये रखने और लॉ एन्ड ऑर्डर मेंटेन रखने के लिए था, जिसका मैं सम्मान करता हूँ। मेरे दिल में, मेरे विभाग, मेरे अधिकारियों और मेरे यूनिफार्म के प्रति बहुत इज़्ज़त और प्यार है। इस डिपार्टमेंट में मैं सबसे ज़्यादा प्यार और इज़्ज़त मेरे बड़े भाई, मेरे दोस्त, मेरे आइडियल एसएचओ लंका भारत भूषण तिवारी सर की करता हूँ। तो आप लोगों से अनुरोध है की मीडिया पर कोई ऐसी टिपण्णी या पोस्ट न करें जिससे मेरे विभाग या मेरे सीनियर्स के सम्मान को ठेंस पहुंचे”।

सोशल मीडि‍या पर दरोगा प्रकाश सिंह की इस पोस्ट को अब कई घण्टे बीत चुके हैं और इस पोस्ट को अभी तक 322 से अधिक लोग लाइक कर चुके हैं, जबकि‍ 68 लोग इसपर अपनी राय दे चुके हैं। वाराणसी पुलिस के एक सस्पेंडेड दरोगा के पुलिस विभाग के प्रति इस समर्पण भाव को हर कोई सराह रहा है। अब उनके सस्पेंशन को जल्दीबाज़ी का फैसला बताया जा रहा है।

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