ई हौ राजा काशी : श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में दिखी इंसानि‍यत की अनूठी मिसाल

वाराणसी। देश का कैसा भी मिजाज़ हो पर अलमस्त अल्हड़ काशी में हमेशा गंगा जमुनी बयार बहती है। इसका जीता जागता उदाहरण श्री काशी विश्वनाथ प्रांगण में आज उस समय देखने को मिला जब ज्ञानवापी मस्जिद में नमाज़ पढ़ने आये एक नमाज़ी की तबियत खराब हो गयी।

इस सूचना पर श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट की एम्बुलेंस ने तुरंत नमाज़ी को मस्जिद के इमाम के साथ अस्पताल भेजा। बाबा विश्वनाथ के श्रद्धालुओं को नियंत्रित करने में लगे पुलिसकर्मी भी तेज़ी से नमाज़ी को एम्बुलेंस तक लेकर आये। मानवता और गंगा जमुनी तहज़ीब की इस अनूठी आभा देख श्रद्धालु खुद को नहीं रोक पाए और बाबा विश्वनाथ का जयघोष फ़िज़ा में गूँज उठा।

विज्ञापन

माथे पर त्रिपुण्ड लगाए सुरक्षा कर्मी और विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के सेवक एक कुर्ता पायजामा, सर पर टोपी लगाए एक 18 साल के जवान को पकड़कर विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र से श्रद्धालुओं की लाइन को हटाते हुए बाहर लाते दिखे तो सहसा किसी को विश्वास नहीं हुआ पर जैसे ही एम्बुलेंस के सायरन की आवाज़ सुनाई दी तो सभी को सच्चाई का पता चल गया।

इस सम्बन्ध में वाराणसी के प्रतिष्ठित न्यूरोलॉजिस्ट डॉ विजयनाथ शर्मा ने बताया कि आज वो सपत्नीक बाबा विश्वनाथ के दरबार दर्शन के लिए पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि बाबा का दिव्य दर्शन हुआ और मानवता के भी साक्षात दर्शन हुआ।

डॉ विजयनाथ मिश्रा ने बताया कि पता लगा कि मस्जिद में नमाज़ के लिए गये, एक नमाज़ी की तबियत ख़राब हो गयी। बाबा विश्वनाथ मंदिर न्यास के ऐम्ब्युलन्स से, मरीज़ को वाराणसी पुलिस की ओर से मंदिर की सुरक्षा में तैनात पाली प्रभारी आरके द्विवेदी, निरीक्षक ओमप्रकाश सिंह ने नमाजी को हेड कॉन्स्टेबल सोहेल अहमद के साथ मस्जिद से लाकर मस्जिद के इमाम के साथ अस्पताल भिजवाया।

इस घटना को न्यूरोलॉजिस्ट और बीएचयू अस्पताल के पूर्व एमएस डॉ विजयनाथ मिश्रा ने अपने ट्वविटर अकाउंट पर भी साझा किया है।

Loading...