आरोप : पुलिस ने की बीएचयू के छात्रों की पिटाई, थाने का हुआ घेराव, दरोगा सस्पेंड

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वाराणसी। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय कल एक बार फिर बवाल का केंद्र बनने से बच गया जब छात्रों के विरोध और लंका थाने के घेराव के बाद मौके पर पहुंचे एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने मामले की जानकारी ली। उसके बाद आरोपी दरोगा को सस्पेंड कर दिया गया, जिसके बाद छात्र शांत हुए। छात्रों का आरोप है कि चौकी प्रभारी चितईपुर प्रकाश सिंह ने छात्रों को को मारापीटा और स्थानीय लोगों के बीच बचाव करने पर उन्हें भी मारा और छात्रों को अपनी सरकारी पिस्टल की मुठिया से मारकर जख्मी कर दिया।

बताया गया कि लंका चौराहे पर एक चाय की दुकान पर रविवार की रात दस बजे के बाद बीएचयू के कुछ छात्र चाय पी रहे थे। इसी दौरान दो लोग वहां शराब के नशे में धुत दो लोग पहुंचे और आपस में झगड़ने लगे। देखते है देखते दोनों हाथापाई और मारपीट पर उतारू हो गए। इसपर किसी ने पुलिस को सूचना दी, जिसपर मौके पर चौकी प्रभारी सर गोवर्धनपुर अमरेंद्र पांडेय और चौकी प्रभारी चितईपुर प्रकाश सिंह मौके पर पहुंचे।

छात्रों ने आरोप लगाया कि मौके पर पहुंची पुलिस वहां चाय पी रहे एमए सेकेंड ईयर (राजनीति शास्त्र) के छात्र विवेक सिंह और बीए थर्ड ईयर के छात्र प्रियांक मणि की पिटाई करने लगे। छात्रों ने छोड़ने के लिए कहा और विरोध किया तो चौकी प्रभारी चितईपुर ने भद्दी-भद्दी गाली देते हुए जूतों और अपनी सरकाई पिस्टल की मुठिया से दोनों छात्रों को मारकर लहूलुहान कर दिया।

छात्रों ने आरोप लगाया कि इस घटना को देख रहे आस पास बैठे अन्य छात्रों और स्थानीय लोगों ने विरोध किया तो पुलिस दोनों छात्रों के साथ कई अन्य लोगों को पकड़कर थाने ले आयी और यहाँ छात्रों को बुरी तरह पीटा गया। इस सूचना पर सैंकड़ों की संख्या में छात्रों ने लंका थाने का घेराव कर दिया और आरोपी दरोगा को निलंबित करने की मांग पर अड़ गए।

मामले की गंभीरता समझते हुए कई थानों की फ़ोर्स मौके पर बुला ली गयी और स्वयं एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह और एडीएम सिटी विनय कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और छात्रों का पक्ष जाना। छात्रों को समझाने की कोशिश की लेकिन छात्र दरोगा पर कार्रवाई से कम पर मानने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद छात्रों से दोषी पुलिसकर्मियों पर मारपीट करने और गाली गलौज करने की तहरीर ली गई उसके बाद चौकी प्रभारी चितईपुर को सस्पेंड करने की घोषणा की गयी, जिसके बाद छात्रों का गुस्सा शांत हुआ और वो वापस लौटे।

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