संशोधन के बाद सभी बचे कृषकों को मिल सकेगा पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ

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वाराणसी। वैज्ञानिकों की बात किसानों के साथ वीडियो कान्फ्रेसिंग कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री एवं प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव कृषि द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजनान्तर्गत संशोधन के लिए अवशेष उपलब्ध डाटा को शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर संशोधन एवं ओपन सोर्स में कराए गए पंजीकरण का सत्यापन कराए जाने का निर्देश दिया गया है।

इसके लिए विशेष जोर दिया गया है कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में कैम्प आयोजित कर डाटा संशोधन यथा-इनवैलिड आधार संशोधन, आधार मिसमैच संशोधन एवं ओपेन सोर्स में कराये गये पंजीकरण का सत्यापन कार्य को तत्काल प्राथमिकता पर पूर्ण कराया जाए।

उप कृषि निदेशक डॉ राजीव कुमार ने बताया कि जनपद में कार्यरत सभी क्षेत्रीय कार्मिको यथा- प्रा0स0सी0 (कृषि/कृषि रक्षा), बीटीएम, एटीएम की ड्यूटी 4 अगस्त से ग्राम पंचायतवार, न्याय पंचायतवार कैम्प लगाने के लिए लगायी गयी है और निर्देशित किया गया है कि कोविड 19 को ध्यान में रखकर भारत सरकार उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए कैम्प आयोजन कर पीएम किसान योजनान्तर्गत संशोधन के लिए अवशेष उपलब्ध डाटा को शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर इनवैलिड आधार संशोधन, आधार नाम मिसमैच, ओपेन सोर्स पंजीकरण सत्यापन एवं मृत कृषको का सत्यापन कर पंजीकरण निरस्त कराने का कार्य सुनिश्चित कराया जाए।

जिससे संशोधनोपरान्त सभी अवशेष पात्र कृषको को पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ प्राप्त हो सकें। उन्होंने कृषकों से अपील की है कि वे अपना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की डाटा त्रुटियॉ का समाधान मौके पर ही करायें।