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वाराणसी। जनता कर्फ्यू के बाद नगर में लॉक डाउन के आदेश के पहले से ही वाराणसी में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सभी मंदिरों, मठों को बंद कर दिया गया था। आज नवरात्रि के पहले दिन भी सभी मंदिरों के कपाटों को बंद रखा गया। प्रशासन के आदेश के बाद ही शैलपुत्रि मंदिर को श्रद्धालुओँ को लिए बंद कर दिया गया था।

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इसके साथ ही शहर के उन सभी मां दुर्गा के मंदिरों को बंद कर दिया गया है, जहां नवरात्रि के समय श्रद्धालुओं की काफी भीड़ रहती है। रामनगर स्थित प्रसिद्ध दुर्गा मंदिर को भी बंद कर दिया गया है।

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रामनगर स्थित विश्व प्रसिद्ध दुर्गा मंदिर को भी कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव एवं लॉक डाउन के चलते बंद कर दिया गया है। नवरात्रि के नौ दिन यहां भक्तों की काफी भीड़ रहती है, जिसे देखते हुए महाराज काशी नरेश ने आदेश दिया है 14 अप्रैल तक औऱ जब तक देश में कोरोना का असर कम न हो जाए तब तक के लिए मंदिर को बंद कर दिया जाये।

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नवरात्रि के पहले दिन है यहां करीब 5000 से अधिक महिलाएं, पुरुष व बच्चे दर्शन पूजन के लिए आते हैं, मगर कोरोना की वजह से एक भी दर्शनार्थी नहीं दिख रहा है।

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कुछ ऐसा ही हाल शिवपुर रामलीला मैदान स्थित प्राचीन अष्टभुजी माता मंदिर का दिखा, जहां हर साल श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है, लेकिन कोरोना वायरस के चलते मंदिर को बंद कर दिया गया है। नवरात्रि के पहले दिन यहां एक भी श्रद्धालु नजर नहीं आया।

माता रानी की नियमित आरती दर्शन पूजन पुजारी द्वारा संपन्न कराया गया साथ ही मंदिर के पुजारी ओमप्रकाश बाजपेई ने बताया कि मोदी जी की जो सोच है और मोदी जी ने जो देशवासियों से अपील की है उसके मद्देनजर इस बार माता अष्टभुजी का दर्शन आम श्रद्धालुओं के लिए रोक दिया गया है।

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