अंतरराष्ट्रीय साइंस फेस्टिवल कोलकाता में बनारस की कला बनी आकर्षण का केंद्र

वाराणसी। साईं इंस्टीट्यूट आफ रूरल डेवलपमेंट द्वारा संचालित रूरल वि‍मेन टेक्नोलॉजी से तैयार किये गए आकर्षक उत्पादों का स्टॉल कोलकाता में आयोजित “अंतरराष्ट्रीय साइंस फेस्टीवल” में सभी के बीच आकर्षण का केंद्र बना रहा।

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डिजिटल टेक्नोलॉजी द्वारा तैयार नवीनतम डिजाइन को कपड़ो पर छाप कर बुनकर परिवार की महिलाओं ने इन उत्पादों की खूबसूरती में चार चांद लगा दिए। प्रदर्शनी में दूर दराज से आये हुए सभी गणमान्य लोगों के कदम सहसा ही साई इंस्टीट्यूट के स्टॉल पर पहुँच कर रुक जा रहे थे एवं लोगो ने बढ़ चढ़ कर इन बनारसी उत्पादों की खरीदारी भी की।

पूरे देश में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा नवीनतम प्रयोग एवं नवीन खोज करने तथा स्वावलंबन तथा जागरूकता पैदा करने के लिए इस प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।

इस प्रदर्शनी में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव प्रो. आशुतोष शर्मा जी को संस्था के बेटियों द्वारा ज़री से तैयार किया गया ‘अशोक की लॉट’ स्मृति चिन्ह के रूप में तथा अंगवस्त्रम् संस्था के निदेशक अजय कुमार सिंह तथा बनारस की महिलाओं के लिए स्वरोजगार एवं प्रेरणा स्त्रोत के साथ अब तक हज़ारों महिलाओं को स्वावलम्बी बना चुकी हुनर ए बनारस की निदेशिका सरिता वर्मा के कर कमलों द्वारा दिया गया।

इस दौरान सचिव प्रो आशुतोष ने हुनर ए बनारस द्वारा किये गए प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य के लिए न सिर्फ शुभकामनाएं दी बल्कि उनके उत्पादों को खरीदा भी।

सचिव के साथ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के सीनियर साइंटिस्ट डॉ सुनील अग्रवाल, डॉ प्रमोद व अन्य अधिकारीगण साथ रहे।

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