वाराणसी के इस बड़े बिल्‍डर के घर पर हुआ हमला, मिली जान से मारने की धमकी

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वाराणसी। ग़रीबों को आशियाना देने वाली प्रधानमंत्री आवास योजना को पूर्वांचल में साकार कर रहे बिल्डर रामगोपाल सिंह पर बदमाशों की नज़र टेढ़ी हो गयी है। बीती 6 नवम्बर को आधा दर्जन बदमाशों ने सारनाथ थानाक्षेत्र स्थित उनके आवास पहुंचकर घर में घुसने की कोशिश की। मना करने पर बदमाशों ने घर पर पत्थर चलाया और जान से मरने की धमकी देते हुए चले गए।

बिल्डर राम गोपाल सिंह पूर्व डीआईजी के बेटे बलवंत सिंह की हत्या में मुख्य गवाह भी हैं। फिलहाल इस सम्बन्ध में पुलिस मुकदमा कायम कर अपराधियों की तलाश में लग गयी है।

यशस्वी ग्रुप के चेयरमैन बिल्डर रामगोपाल सिंह ने बताया कि 20 अक्टूबर को पंकज चौबे द्वारा मेरे पार्टनर बलवंत सिंह की ह्त्या कर दी गयी थी। बलवंत सिंह की हत्या के बाद हमें धमकी मिल रही थी। 6 नवम्बर को पंकज सिंह, जोकि पुराने कांग्रेसी नेता भी हैं, उनके लोग बच्चा यादव, प्रिंस यादव हमारे घर पर आये और हमें गाली-गलौज दिये और जान से मारने की धमकी भी दी। उन्होंने कहा कि इस हत्या में अगर गवाही दिये तो अंजाम बुरा होगा।

रामगोपाल ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना को मूर्त रूप प्रदेश में 6 बिल्डर दे रहे हैं। उसमे से एक मेरी कम्पनी भी है। मैंने इस धमकी के सम्बन्ध में एसएसपी साहब से गुहार लगायी है साथ ही सारनाथ थाने में भी एफआईआर दर्ज कराई है, ताकि हमें पुलिस प्रोटेक्शन मिल सके।

रामगोपाल ने जेल प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा की जेल प्रशासन जेल में बंद पंकज चौबे को शह दे रहा है। उन्हें जेल में पैसा, मोबाइल सब मुहैया कराया जा रहा है।

उन्होंने डिप्टी जेलर और जेल कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि डिप्टी जेलर और उनके कर्मचारी पंकज चौबे के सन्देश को हमारे कांट्रेक्टर आदि के पास पहुंचा रहे हैं कि आप लोग रामगोपाल का काम मत करो। अगर करोगे तो पैसा नहीं मिलेगा यदि नहीं बंद करोगे तो गोपाल सिंह के साथ तुम्हारा भी अंजाम बुरा होगा।

रामगोपाल ने कहा कि हमने पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगायी है। उन्होंने कहा कि यदि हमें सुरक्षा नहीं दी गयी तो हमारी हत्या हो जाएगी।

कैंट सीओ आईपीएस मोहम्मद मुश्ताक ने बताया कि इस सम्बन्ध में एफआईआर दर्ज की गयी है और जो लोग इस घटना में शामिल हैं उन्हें चिह्नित कर उनके घर दबिश दी जा रही है, जल्द ही उनको गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं बिल्डर रामगोपाल सिंह द्वारा सुरक्षा की गुहार पर बोलते हुए आईपीएस मोहम्मद मुश्ताक ने बताया कि हमारी प्राथमिकता पहले जो एफआईआर मिली है उसमे नामजद लोगों को गिरफ्तार करने की है, उसके बाद घटना के पीछे के कारणों को पता करने की है।

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