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वाराणसी। वैदिक गणित और हिन्दू पंचांग के अनुसार इस बार सूर्य का मकर राशि में प्रवेश 14 और 15 जनवरी की मध्य रात्रि में रात 2 बजकर 8 मिनट पर संक्रांति लगने के कारण 15 जनवरी को भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगायी। पुण्य का भागी बनने के लिए दूर दराज़ से लोग रात से ही इकट्ठा होना शुरू हो गए थे। ‘

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इस दौरान काशी के गंगा तट पर जैसे आस्था का रेला उमड़ पड़ा। हिन्दू पंचांग के अनुसार संक्रांति के बाद से शुभ कार्य शुरू होते हैं। आज से शुभ कार्यों की शुरुआत भी हो गई।

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मकर संक्रांति के स्नान के लिए आस्था का सैलाब काशी के गंगा तट पर देर रात से ही उमड़ा था। लोगों ने मां गंगा में डुबकी लगाकर साल भर के लिए मंगलकामना की और अपने घरों के शुभ कार्यों के लिए आशीर्वाद मांगा। आज के दिन दान का भी विशेष महत्व है घाटों पर बैठे भिखारियों को लोग खुले दिल से दान देते नज़र आए।

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दशाश्वमेध मार्ग स्थित खिचड़ी बाबा मंदिर से आज प्रसाद स्वरुप भक्तों में खिचड़ी बाटी गई। लोगों ने उत्साह के साथ ये प्रसाद लिया और शुभ कार्यों के लिए मंगल कामना के साथ अपने घरों को रवाना हुए।

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