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वाराणसी। कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप से सभी के ज़हन में भय बढ़ता जा रहा है वहीं इसका असर सबसे ज्यादा बच्चों, किशोर-किशोरियों में देखने को मिल रहा है। ऐसी स्थिति में उनके साथ अधिक से अधिक समय बिता कर उनको घर के कामों, घरेलू खेल और बातचीत में व्यस्त रखना चाहिए और किसी भी कार्य के लिए उनके साथ सकारात्मक व्यवहार करना चाहिए।

जब बच्चे या किशोर-किशोरियाँ आपको परेशान करते हैं तब सकारात्मक महसूस करना बहुत मुश्किल होता है। हम अक्सर उन्हें कहते हैं कि ऐसा करना बंद करो। जब हम उन्हें सकारात्मक निर्देश देते हैं एवं सही काम करने पर उनकी प्रशंसा करते हैं तभी बच्चे वह काम करते हैं जो हम उन्हें करने को कहें।

हाल ही में डबल्यूएचओ, यूनिसेफ एवं अन्य अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं के सहयोग से पैरेंटिंग फॉर लाइफलोंग हैल्थ अंतर्राष्ट्रीय संस्था ने “कोविड-19 बच्चों की देखभाल” को लेकर पोस्टर जारी किए हैं।

पोस्टर “आपका व्यवहार सकारात्मक व्यवहार” में स्पष्ट रूप से इन बातों पर ध्यान दिया गया है :-
वह कहें जो आप उन्हें करते देखना चाहते हैं  
आपके बच्चे को क्या करना है, यह बताते समय समय सकारात्मक शब्दों का प्रयोग करें, जैसे ‘गंदगी न फैलाओ’ की बजाय अपने खिलौने दूर रखो।

सब कहने के तरीके पर निर्भर है 
बच्चे पर चिल्लाना उनमें और आप में सिर्फ अधिक तनाव और क्रोध पैदा करेगा। अपने बच्चे का ध्यान आकर्षित करने के लिए उन्हें नाम से बुलाएँ। शांत स्वर में बात करें।

 अच्छा व्यवहार करने पर प्रशंसा करें कुछ
अच्छा करने पर अपने बच्चे या किशोर-किशोरियों की प्रशंसा करें। वह दिखाएंगे नहीं, लेकिन आप उन्हें फिर से अच्छा काम करते हुये देखेंगे। यह उन्हें आश्वासन देगा कि आप उन पर ध्यान देते हैं और उनकी देखभाल करते हैं।

सच पहचाने 
क्या आपका बच्चा वास्तव में वह कर सकता है जो आप उन्हें करने को कह रहे हैं? एक बच्चे के लिए पूरे दिन चुप रहना बहुत मुश्किल होता है, लेकिन हो सकता है कि जब आप फोन पर बात कर रहे हों तो वह 15 मिनट तक चुप रह पाएं।

अपने बच्चे की जरूरतों को सुनें  
किशोर-किशोरियों को विशेष रूप से अपने दोस्तों के साथ बात करने में सक्षम होना चाहिए। उन्हें खुद को व्यस्त करने के लिए समय दें, खासकर अगर वह अपने डर और चिंताओं के बारे में बात करना चाहते हैं।

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