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वाराणसी। कोरोना के संक्रमण को रोकने लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश में 21 दिनों तक लॉकडाउन कर दिया गया है, जिसके बाद गृह मंत्रालय, भारत सरकार, व राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी दिशा निर्देशों के मद्देनजर काशी हिन्दू विशवविद्यालय को भी आगामी 14 अप्रैल तक बंद कर दिया गया है। विश्वविद्यालय ने इस संबंध में बुधवार को अधिसूचना जारी कर दी है।

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हालांकि‍, ये दिशा-निर्देश आवश्यक सेवाओं जैसे सर सुंदरलाल अस्पताल, ट्रॉमा सेंटर, विद्युत व जल आपूर्ति, स्वच्छता, सुरक्षा, डेयरी या फिर कोविड-19 के संक्रमण को रोकने के उपायों में जुटे कर्मचारियों पर लागू नहीं होंगे। ऐसे कर्मियों व आवश्यक सेवाओं में शामिल लोगों की सुरक्षा के लिए सभी दिशनिर्देशों का पालन किया जा रहा है।

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विश्वविद्यालय के जो कर्मचारी कैंपस के अंदर रहते है, वे किसी भी आपात स्थिति में BHU कंट्रोल रूम से दूरभाष संख्या 2369242, 2369314 पर संपर्क कर सकते हैं।

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IIT में भी कक्षाएं और परीक्षाएं स्थगित, शिक्षकों, कर्मचारियों को वर्क फ्राम होम का आदेश लागू

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भारत सरकार द्वारा कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए 21 दिन का लाॅकडाउन आदेश जारी होने के क्रम में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (काशी हिन्दू विश्वविद्यालय) में सभी कक्षाएं और परीक्षाएं 14 अप्रैल तक स्थगित रहेंगी।

साथ ही संस्थान के सभी कर्मचारियों की वर्क फ्राम होम की मियाद 31 मार्च से बढ़कार 14 अप्रैल कर दी गई है। बुधवार को यह जानकारी देते हुए कुलसचिव डॉ एसपी माथुर ने बताया कि संस्थान के सभी पीएचडी और एमटेक छात्रों की फेलोशिप, स्टाइपेंड पर इस बंदी का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। हालांकि, उन्हें सलाह दी जाती है वे अपने सुपरवाइजर के साथ बराबर संपर्क में रहें। छात्रों को यह सलाह दी जाती है वे अपने घर पर रहें और जब तक उन्हें कोई सूचना नहीं दी जाती तब तक वे संस्थान में न आएं।

उन्होंने आगे बताया कि संस्थान में कार्यरत सभी शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक कर्मचारियों, संविदा, आउटसोर्सिंग पर कार्यरत कर्मचारियों को 14 अप्रैल तक घर से कार्य करने की सलाह दी जाती है। इस दौरान उनके अवकाश या भुगतान से संबंधित कोई कटौती नहीं होगी। हालांकि संस्थान निर्माण विभाग और ज्वाइंट चीफ प्राक्टर आफिस आदि कार्यालयों में आवश्यक सेवाओं व अपातकालीन सेवाएं पहले की तरह जारी रहेंगी। सभी संबंधित कर्मचारियों से सीमित संसाधन में कार्य करने और सहयोग करने की अपील की गई है।

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