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वाराणसी। लॉकडाउन के दौरान काशी हिंदू विश्वविद्यालय के हास्टलों मे फंसे छात्रों को जिला प्रशासन और विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा उनके घरों के लिए भेजवाया जा रहा है। इस दौरान कुछ शोध छात्र हॉस्टल खाली करने से इंकार भी कर रहे हैं, जबकी विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा छात्रों को छात्रावास खाली करने के लिए बोला गया है।

कोरोना संक्रमण के फैलने के डर के चलते कुछ छात्र अपने घर नहीं जाना चाहते क्योंकि छात्रों के अनुसार उनके जनपद में भी बुरी हाल है और बाहर से आने वालों को घर में आने की अनुमति भी नहीं दी जाएगी, जिसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा कम संख्या में बचे छात्रों के नवनिर्मित छात्रावास में स्थानांतरित करने का फैसला लिय गया है।

बिरला हॉस्टल में रहने वाले शोध छात्र मानवेंद्र सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों को जिस छात्रावास में भेज रही है वहां पहले से ही एनडीआरएफ के जवान रह रहे हैं और जवान हर रोज शहर के सैनिटाइजेशन का कार्य भी कर रहे हैं। ऐसे में छात्रों को वहां भेजना सही नहीं है। छात्रों ने हॉस्टल छोड़ने से साफ इंकार कर दिया है।

छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों से जबरजस्ति छात्रावास खाली करवा रही है और छात्रों को 48 घंटे में छात्रावास खाली करने का निर्देश दिया है। शोध छात्र मानवेंद्र ने कहा कि चीफ प्राक्टर भी इस विषय पर कोई सही निर्णय नहीं ले रहे हैं। हम चाहते हैं कि विश्विद्याल के कुलपति खुद आकर हमसे मिले और हमारी समस्या का समाधान करे और 48 घंटे में छात्रावास खाली करने के निर्देश को तत्काल स्थगित करें।

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