मानव कल्याण का भाव भगवान बुद्ध को बनाती है महान

वाराणसी। वसंत महिला महाविद्याल मास कम्युनिकेशन सेल द्वारा आयोजित व्याख्यानमाला के तीसरे दिन केंद्रीय तिब्बती अध्ययन विश्वविद्यालय के प्रोफेसर वांगचुक दोर्जी नेगी जी ने ‘बुद्ध एक वैश्विक संप्रेषक’ विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि बुद्ध की करुणा विश्व को जोड़ती है।एक राजसी परिवार के राजकुमार होते हुए भी वे स्व के भाव को तिरोहित कर भिक्षाटन के लिए निकल पड़ते हैं।मानव कल्याण का भाव उन्हें महान बनाता है।

प्रोफेसर नेगी ने ‘प्रतीत्यसमुत्पाद ‘की व्याख्या करते हुए कहा कि हम सब एक दूसरे से जुड़े हैं अतएव सम्यक कर्म ,सम्यक दृष्टि का भाव हमें रखना चाहिए। ऋणी भावना की व्याख्या करते हुए कहा कि हम जिनसे कुछ भी प्राप्त करते हैं उस दाय को हमें याद रखना चाहिए।छात्राओं ने प्रश्नों के माध्यम से संवाद कर जिज्ञासा को शांत किया।

कार्यक्रम की शुरुआत में मास कम्युनिकेशन की समन्वयक डॉ बन्दना झा के स्वागत वक्तव्य से हुआ जिसमें उन्होंने बताया कि जे कृष्णमूर्ति, महामना मालवीय जी की कड़ी में बुद्ध के विचारों की वैश्विक सम्प्रेषणीयता को समझना आवश्यक है। युद्ध, हिंसा, प्रतिस्पर्धा, ईर्ष्या के दौर में बुद्ध और भी प्रासंगिक हो जाते हैं। धन्यवाद ज्ञापन डॉ राम शंकर सिंह ने किया।

इस अवसर पर डॉ रंजन भट्टाचार्य, डॉ रामशंकर सिंह, मीनाक्षी पांडेय, नवीन आशा, ज्योति प्रसन्नाजी के साथ मास्स कम्युनिकेशन की छात्राएं उपस्थित रहीं।

 

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