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वाराणसी। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख अजय कुमार लल्लू को लखनऊ पुलिस द्वारा गिरफ्तार किये जाने के बाद कांग्रेसियों में उबाल है। इसी क्रम में कोरोना काल मे मंगलवार को वाराणसी में कांग्रेस सेवा दल ने इसका विरोध शुरू कर दिया है।

कांग्रेस सेवा दल के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को महमूरगंज मोती झील के पास शनि महाराज मंदिर में कांग्रेस सेवा दल के प्रदेश अध्यक्ष प्रमोद पांडे के नेतृत्व पर धरना शुरू कर दिया। सभी यूपी कांग्रेस प्रमुख अजय कुमार की रिहाई की मांग कर रहे हैं।

बाता दें कि अजय कुमार लल्लू को आगरा में लॉकडाउन के उल्लंघन के मामले में अपनी रिहाई के लिए 20,000 रुपये के निजी जमानतदार को प्रस्तुत करने के बाद एक स्थानीय अदालत द्वारा अंतरिम जमानत प्राप्त हुई थी लेकिन उन्हें फिर से लखनऊ पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया।

धरने पर बैठे डॉ प्रमोद पाण्डेय ने कहा कि योगी सरकार द्वारा 1079 प्रवासी मजदूरों की बसों को दिल्ली-युपी बॉर्डर पर ही रोक दिया गया है, जब उसके लिए हमारे उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख अजय कुमार लल्लू आगर पहुंचते हैं तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इतना ही नहीं जब उन्हें जमानत मिल जाती है तो उन्हें फिर से गिरफ्तार कर लखनऊ भेज दिया गया।

उन्होंने कहा कि हमारी मांग है की हमारे कमेटी के प्रमुख अजय लल्लू को जल्द से जल्द रिहा किया जाए और इस उत्पीड़न की कार्रवाई को बंद किया जाये। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र सरकार अपने 2 साल के कार्यकाल की उपलब्धियां तो दिखा देंगी लेकिन जिन गरीबी के आंकड़ों को कागजों में देखा जाता था आज देश का यह हाल है कि लोग अपनी आंखों से श्रमिक और मजदूरों के हालत को देख सकते हैं।

बता दें कि अजय कुमार लल्लू को फतेहपुर सीकरी में राजस्थान सीमा पर बीते मंगलवार को गिरफ्तार किया गया था । कांग्रेस प्रदेश अध्‍यक्ष अजय कुमार लल्‍लू को न्‍यायिक मजिस्‍ट्रेट अनुकृति संत की कोर्ट में पेश किया गया।

पेशी के बाद 20- 20 हजार रुपये के निजी मुचलके पर कांग्रेस प्रदेश अध्‍यक्ष समेत पूर्व एमएलसी विवेक बंसल और पूर्व एमएलए प्रदीप माथुर को जमानत मिल गई लेकिन लखनऊ से आई पुलिस फोर्स जमानत मिलते ही अजय कुमार लल्‍लू को अपने साथ ले गई। कांग्रेस प्रदेश अध्‍यक्ष के खिलाफ लखनऊ में बस नंबर की फर्जी सूची के मामले में मुकदमा दर्ज हुआ है।

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