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वाराणसी। संकटमोचन मंदिर में आतंकवादी घटना के बावजूद न रुकने वाले संकटमोचन संगीत समारोह पर लॉकडाउन का असर देखने को मिल रहा है। हालांकि‍ दशकों पुरानी ये परंपरा इस बार लॉकडाउन में भी नहीं टूटेगी। 12 अप्रैल से शुरू होने वाले संगीत समारोह में इस बार डिजिटल माध्यम से संगीत साधक अपनी स्वरांजलि हनुमत दरबार मे पेश करेंगे।

मंदिर के महंत पंडित विश्वम्भरनाथ मिश्रा ने बताया कि 12 से 17 अप्रैल तक संगीत समारोह के नियमित कार्यक्रम की जगह हनुमान जी महाराज को कुछ बड़े कला साधकों का संगीतांजलि 12 से 17 तक नियमित सायं 7:30 बजे से हनुमान जी महाराज को डिजिटल माध्यम से श्रवण कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि अब तक इसके लिए 20 कलासाधकों ने अपनी स्वीकृति दे दी है, जबकि पंडित जसराज ने अभी कल रात्रि में अपनी स्वीकृति दे दी है। जबकि पंडित जी अभी अमेरिका में हैं बावजूद उन्होंने कहा है जी हनुमान जयंती व संगीत समारोह में अपनी संगीतांजलि हनुमान जी के श्री चरणों में अर्पण करुंगा। सभी संगीतरसिकों को इसका लिंक जल्द ही उपलब्ध करा दिया जाएगा।

इसके पहले श्री हनुमत जयंती चैत्र सुदी पूर्णिमा 15 (बुधवार) सम्वत 2077 यानि दिनांक 8 अप्रैल 2020 को मनाया जाएगा। इस संबंध में मंदिर के महंत प्रोफेसर विश्वम्भरनाथ मिश्रा ने बताया कि प्रातः 6 बजे से 8 बजे तक श्री हनुमान जी महाराज का पूजन-अर्चन और बैठकी की झांकी होगी। प्रातः 7 बजे से रामायण जी का पूजन-अर्चन और मानस जी का एकाह पाठ, रामार्चा पूजन आदि धार्मिक अनुष्ठान पूर्व की भांति होगी। चूँकि महामारी के चलते लॉकडाउन की प्रक्रिया चल रही है अतः मंदिर में बाहर का कोई व्यक्ति प्रवेश नहीं कर पायेगा। जिसका हम सबको खेद है।

महंत विश्वम्भर नाथ मिश्र ने सारे श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि आप सब श्री हनुमान महराज को अपनी श्रद्धा व भक्ति घर से ही अर्पित करें, ताकि विश्व इस संकट से यथाशीघ्र उबरे। अपने हनुमान जी महराज का नाम संतशिरोमाणि गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज ने संकटमोचन रखा और कलिकाल के सबसे प्रतापी देव जिनको भगवती सीता महरानी का वरदान भी प्राप्त है वह सक्षम भी है हम सबको इस त्रासदी से उबारने में। बस उनको याद दिलाना पड़ता है। हम सब इस बार हनुमान जयंती को विशेष प्रार्थना भी करेंगे ताकि विश्व इस संकट से उबरे।

उन्होंने बताया कि दिनांक 9 से 11 तक सार्वभौम रामायण सम्मेलन जो कि पारंपरिक तौर पर चलता रहा है, उसके एवज में मंदिर में ही व्यास जी रामचरित मानस का कथा हनुमान जी महाराज को श्रवण कराएँगे।

अब तक प्राप्त कलाकारों की स्वीकृति

गायन

पं जसराज
प. राजन-साजन मिश्र
पं. अजय पोहनकर
पं. अजय चक्रवर्ती
उस्ताद राशिद खां
अरमान खां
सुश्री कौशिकी चक्रवर्ती
पं. उल्लास कसालकर

वादन

श्री यूं राजेश-शिवमणि
पं. विश्वजीत राय चौधरी
पं. निलाद्री कुमार
श्री शाकिर खां
उस्ताद मोईनुद्दीन खा-मोमिन खां
पं. भजन सोपोरी-अभय सोपोरी

नृत्य
पं. राममोहन महराज
पं. कृष्णमोहन महराज

तबला
पं. कुमार बोस
पं. सुरेश तलवलकर
पं. अनिंदों चटर्जी-अनुब्रत चटर्जी
पं. समर साहा
पं. संजू सहाय
उस्ताद अकरम खां-जरगाम खां

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