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वाराणसी। कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए सरकार ने देश में 21 दिन का लॉकडाउन का एलान कर दिया है। जिसके बाद कई लोगों के सामने दो जून की रोटी की समस्या आ गयी है। जिसको देखते हुए समाज का हर वर्ग अपने स्तर से गरीब एवं असहाय लोगों की मदद कर रहा है।

इसी क्रम में सम्‍पूर्ण दक्षि‍ण एशि‍या के सबसे बड़े डीजल-इलेक्‍ट्रि‍क रेल इंजन कारखाना (डीरेका) ने भी असहाय और गरीबों की मदद के लिए हाथ बढ़ा दि‍या है। डीरेका के रेलकर्मियों ने डीएलडब्‍ल्‍यू परि‍सर के आसपास स्‍थि‍त ग्रामीण इलाकों में बड़े स्‍तर पर राशन वि‍तरण का कार्य कि‍या है। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का भी पूरी तरह से पालन किया गया।

डीरेका के चीफ पब्‍लि‍सि‍टी इंस्‍पेक्‍टर राजेश कुमार ने बताया कि‍ कोरोना वायरस के चलते लागू लॉकडाउन के चलते रोज कमाने खाने वाले परिवारों के सामने भोजन की समस्या उतपन्न हो गयी है। ऐसे में डीरेका परिसर से लगे जलालीपट्टी, नाथूपुर, पहाड़ी व ककरमत्ता गॉव में जरूरतमन्दों को डीरेका नागरिक सुरक्षा संगठन ने रेलकर्मि‍यों तथा अधि‍कारि‍यों के सहयोग से खाद्य सामग्री का वि‍तरण कि‍या गया है।

उन्‍होंने बताया कि‍ लॉकडाउन जारी रहने तक जरूरतमंदों की रोजमर्रा के राशन की जरूरतों को पूरा करने का प्रयास डीरेका परि‍वार की ओर से चलता रहेगा।

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