डॉ कफील खान नफरतवाद की राजनीति के शिकार : हरीश मिश्रा

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वाराणसी। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में नागरिकता कानून (CAA) के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने के आरोप में जेल में बंद डॉ कफील खान हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद देश के अलग-अलग हिस्सों से उन्हें समर्थन मिल रहा है। इसी क्रम में बनारस वाले मश्शूर हरीश मिश्रा ने भी डॉ कफील खान की रिहाई की केंद्र सरकार से मांग की है।

हरीश मिश्रा ने इस दौरान मौजूदा केंद्र और प्रदेश सरकार पर आरोप लगता हुए कहा कि डॉ कफील खान एक डॉक्टर हैं और डॉक्टर को धरती का भगवान् कहा जाता है। ऐसे में उनका जेल में रहना यह साबित करता है कि वो नफरतवाद की राजनीति का शिकार हुए हैं।

हरीश मिश्रा ने कहा कि डॉ कफील खान ने गोरखपुर से लेकर बिहार तक चाहे वो दिमागी बुखा रो या बाढ़ की विभीषिका हो हर समय मरीज़ों को देखा और उन्हें स्वस्थ्य किया है। हम सभी मोदी सरकार से यह मांग करते हैं कि बिना किसी जाति धर्म को देखते हुए मानवता के लिए उन्हें जेल से रिहा किया जाए। हरीश मिश्रा ने आरोप लगाया कि डॉ कफील नफरतवाद की लड़ाई के शिकार है।

हरीश मिश्रा ने बताया कि पूरे देश से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कफील अहमद को रिहा करने की मुहीम चल रही है। हरीश मिश्रा ने आरोप लगते हुए कहा कि डॉ कफील को जेल में रखने का ज़िम्मेदार सरकार का धर्मवाद का भूत, जातिवाद का भूत और नफरतवादी भूत है, जिसका हम लोग विरोध कर रहे हैं।