देश को कुपोषण से मुक्त कराने में समाज की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण : गौरांग राठी 

वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के गांधी विद्यापीठ अध्ययन सभागार में राष्ट्रीय पोषण माह के तहत सोमवार को वृहद स्तर पर पोषण और स्वास्थ्य से जुड़ी गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बाल विकास विभाग, राष्ट्रीय सेवा योजना, महात्मा गांधी विद्यापीठ के संयुक्त तत्वाधान में गोदभराई दिवस, बाल सुपोषण उत्सव, अन्नप्राशन दिवस, हेल्दी बेबी शो, पोषण पर चर्चा, रेसिपी प्रतियोगिता आदि गतिविधियां आयोजित की गईं। इसके साथ ही राष्ट्रीय पोषण माह का सफलतापूर्वक समापन किया गया।

मुख्य विकास अधिकारी एवं प्रभारी जिलाधिकारी गौरांग राठी ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की एवं महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रोफेसर डॉ टीएन सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ वीबी सिंह, राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक केके सिंह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के रामप्रकाश द्विवेदी की विशेष भूमिका रही।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और आर्य महिला इंटर कॉलेज की छात्राओं द्वारा पोषण गीत से किया गया। सर्वप्रथम सीडीओ गौरांग राठी और कुलपति डॉ टीएन सिंह ने पुष्टाहार से बने व्यंजनों जैसे सहजन युक्त पनीर की सब्जी, सोयाबीन केला शेक, नारियल चटनी, हलवा, अप्पे, लड्डू, दही भल्ला, काले चने का कवाब, साबूदाने का पोहा, नमकीन दलिया, पकौड़ी आदि का जायजा लिया और इस दौरान उन्होने सभी व्यंजन का स्वाद भी लिया।

सीडीओ गौरांग राठी ने सभी लाभार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए  कहा कि  इस पूरे माह पोषण और स्वास्थ्य से जुड़ी कई गतिविधियां की गईं जिसमें जन समुदाय ने बढ़चढ़ कर अपनी सहभागिता दिखाई। देश को कुपोषण से मुक्त करने के लिए समाज की सहभागिता ही सबसे महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है। जिससे जन समुदाय में ‘सही पोषण देश रोशन’ एक बेहतर संदेश जा सके और यह अभियान एक जन आंदोलन के रूप में परिवर्तित हो सके।

वही उन्होने कहा देश में एक तिहाई बच्चे कुपोषण के शिकार है जिनका वजन बेहद कम है जबकि 50 फीसदी से अधिक महिलाओं में खून की कमी है। उन्होने बताया गरीबी इसका आधार नहीं है, जागरूकता की कमी से देश को कुपोषण जैसी भयानक स्थिति से गुजरना पड़ रहा है। उन्होने आशा व्यक्त करते हुये कहा कि सभी माताएं चाहे वह गर्भवती हों या धात्री हों, अपने और अपने बच्चे के बेहतर स्वास्थ्य के लिए स्वस्थ एवं संतुलित आहार खाएं और गर्भावस्था के दौरान प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम, विटामिन आदि से परिपूर्ण भोजन करें जिससे बच्चा स्वस्थ और तंदरुस्त पैदा हो।

इस दौरान सीडीओ, कुलपति, सीएमओ व डीपीओ के द्वारा 22 गर्भवती महिलाओं को पुष्टाहार से सजी डलिया भेंट की और सभी को स्वस्थ एवं संतुलित खानपान की सलाह दी। इसके पश्चात छह माह तक के पांच बच्चों कृष्णा, वैष्णवी, शिवाय, अनमोल और हिफजा को खीर खिलाकर अन्नप्राशन संस्कार किया गया। हेल्दी बेबी शो में एक साल तक पांच बच्चे जिनका पूर्ण टीकाकरण किया जा चुका है, एक से तीन साल तक के पांच बच्चों, तीन से पांच साल तक के पांच बच्चों की माओं को सम्मानित कर पुरस्कार भी दिये गए।

इस मौके पर कार्यक्रम अधिकारी एवं संयोजक डॉ पारिजात सौरभ, सह संयोजक डॉ आनंद सिंह, डॉ शैलेश कुमार, डॉ ऊर्जस्विता सिंह, डॉ मुकेश पंथ, डॉ दुर्गेश उपाध्याय, डॉ किरण, चिकित्साधिकारी डॉ एके पांडे, लल्लापुर अर्बन पीएचसी की प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ उपमा पांडे एवं दूरदर्शन वाराणसी की टीम मौजूद रही।

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