Family reached primary school to fulfill martyr Vishal Pandey's dream, distributed copy
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वाराणसी। पठानकोठ हमले के बाद भारतीय वायु सेना ने एयर स्ट्राइक से पकिस्तान को करार जवाब दिया था। इसके बाद जम्मू-कश्मीर के बडगांम जिले में Mi-17 V5 हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में वाराणसी के विशाल पांडेय शहीद हो गए थे। 27 फरवरी 2019 को हुए इस हादसे को एक वर्ष पूरे होने के बाद आज शहीद की बरसी पर उनके परिजनों ने शहीद की इच्छा पूरी की और प्राथमिक विद्यालय पिसनहरिया-1 में पहुंचकर छात्रों को कापी-किताब बांटी।

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इस दौरान शहीद विशाल पांडेय की मां विमला पांडेय, शहीद की पत्नी माधवी पांडेय और शहीद के बच्चों ने स्कूल में सभी बच्चों को कॉपी-किताब बांटी। पत्नी माधवी ने बताया कि विशाल यही चाहते थे कि उनके बच्चों के साथ साथ सभी के बच्चे पढ़ें और आगे बढ़ें। इसलिए आज ये आयोजन उनकी प्रथम पुण्यतिथि में किया गया है।

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विशाल चाहते थे कि समाज का हर तबके का बच्चा पढ़े-लिखे और देश का नाम रोशन हो। विशाल पांडे की सोच को आगे बढ़ाते हुए उनकी पत्नी ने प्राथमिक विद्यालय में जाकर पढ़ने लिखने वाली सामग्री बच्चों को बांटी । इस दौरान उनक ेबच्चे और उनकी सास भी मौजूद रहीं। बच्चों को पढ़ाई लिखाई से संबंधित सामग्री देते हुए सभी की आंखें नम थी। वही शहीद विशाल पांडे के बेटे ने देश भक्ति गाने को गाकर लोगों में यह संदेश देने की कोशिश की कि उनके पिता ने जो शहादत दी है देश पर वह व्यर्थ नहीं जाएगी।

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वहीं शहीद की मां विमला पांडेय ने बताया कि हमने बहुत ही गरीबी देखी और विशाल को बहुत गरीबी में पढ़ाया था, जब वो एयरफोर्स में आया तो हम बहुत खुश हुए की अब संकट के दिन गए। उसने अपनी बाहन की शादी अपने खर्चे पर की थी। विमला ने बताया कि जिस दिन पठानकोठ में हमला हुआ था उसी दिन हमारी बात हुई थी विशाल से, उसने बताया था कि हम बर्फ में फसे हैं जल्द ही बेस पर चले जायेंगे। परिकल्पना को साकार किया है।

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