श्रीराम मंदि‍र के लि‍ये न काशी की मि‍ट्टी जाएगी न जाएगा यहां का गंगाजल, फि‍र आशीर्वाद स्‍वरूप जाएगा क्‍या ?

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वाराणसी। 5 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्री राम जन्म भूमि पर भव्य मंदिर भूमि पूजन करेंगे। इसकी तैयारी में पूरा देश लगा हुआ है। इस आयोजन में काशी से गंगा जल और मिटटी ले जाने की बात चल रही थी पर संतों के अनुसार यह कार्य अशास्त्रीय है इसलिए यह कार्य नहीं होगा। ऐसे में सवाल उठता है कि‍ आखि‍र वि‍श्‍वनाथ की नगरी काशी से आखि‍र श्रीराम मंदि‍र के लि‍ये आशीर्वाद स्‍वरूप क्‍या जाएगा?

इस बारे में अखि‍ल भारतीय संत समि‍ति‍ के सचि‍व स्‍वामी जि‍तेन्‍द्रनंद सरस्‍वती ने जानकारी दी है। उन्‍होंने बताया कि‍ भगवान् शिव की नगरी काशी से न तो गंगाजल कहीं ले जाया जा सकता है और ना ही यहां की मि‍ट्टी ही। ये अशास्‍त्रीय है और ऐसा धर्म कार्य के लि‍ये नहीं कि‍या जाता है। तो अब वाराणसी से गोमुख का गंगाजल, चन्दन और चांदी का बेल पत्र जाएगा।

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स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि गंगा महासभा का कार्यालय चूंकि‍ काशी में है, इसलिए यहाँ से तीन चीजें अयोध्‍या जाएंगी, जिसमे गोमुख का गंगाजल होगा। इसके अलावा ‘बिन छल विश्वनाथ पद नेहू, राम भगत के लक्षण एहू’ श्लोक के माध्यम से उन्होंने बताया कि बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद वहां आये हुए, भूमी पूजन में बैठे हुए संतों के माथे पर लगे इसलिए यहां से चन्दन जाएगा।

स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती के अनुसार भूमी पूजन के समय मंदिर की नींव में डालने के लिए चांदी का बेलपत्र गंगा महसभा की तरफ से भेजा जाएगा। यही काशी विश्वनाथ का आशीर्वाद है अपने इष्ट भगवान राम के चरणों में।