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वाराणसी। संकट मोचन संगीत समारोह के चौथे दिन भक्ति संगीत का आंनद लेने के लिए श्रद्धालु इतने आतुर दिखे की ऑनलाइन श्रद्धालुओं का आंकड़ा 2 लाख पर कर गया। इस बार डिजिटल स्वरूप में शुरू हुए संगीत समारोह ने नई मिसाल कायम कर दी है। कलाकारों ने घर बैठे संगीत की त्रिवेणी बहाई और देखते ही देखते भक्तों का आंकड़ा लाखों में चला गया।

संगीत समारोह के चौथे दिन बनारस घराने के ख्यात कलाकार पंडित रविशंकर मिश्र ने गोस्वामी तुलसीदास की रचना पर कथक के भावों से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। तबले पर रामकुमार मिश्र व गायन में गौरव मिश्र ने साथ दिया।

कर्नाटक शैली की प्रसिद्ध गायिका दीपिका वरदराजन चेन्नई से जुड़ी और प्रभु के चरणों मे जय जय जय जानकी… से स्वरांजलि अर्पित किया। सेनिया घराने के पद्मभूषण पंडित देबू चौधरी अपने बेटे पंडित प्रतीक चौधरी व पौत्र अधिराज चौधरी के साथ नई दिल्ली से जुड़े और सितार की झंकार से संकट मोचन बाबा की अभ्यर्थना की।

बनारस घराने के पंडित गणेश प्रसाद मिश्र ने ठुमरी, चैती, दादरा की पारम्परिक बंदिशे सुनाकर श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। सिधांत मिश्र ने तबले पर साथ दिया व अनिंदो चटर्जी ने टेबल पर उठान, टुकड़ा व तिहाइयां बजाकर वाहवाही लूटी।

ख्यात शास्त्रीय गायक पद्मश्री उस्ताद राशिद खान ने अपने पुत्र अरमान खान के साथ कोलकाता से प्रस्तुति दी। वही बनारस से डॉ अतुल शंकर से अपनी बांसुरी की धुन से भक्तों को भाव विभोर कर दिया।

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