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वाराणसी। गणेश चौथ का पर्व आज आस्था के साथ मनाया जा रहा है। शहर के लोहटिया स्थित बड़ा गणेश मंदिर में सुबह से ही भक्तों की लम्बी लाइन लगी हुई थी। श्रद्धालु अपने इष्ट की एक झलक पाने के लिए बेताब दिखे। पुत्र और पति की लम्बी उम्र व परिवार में सुख शांति की कामना के साथ बड़ी संख्या में भक्तो ने बड़ा गणेश स्थित बाबा गणेश का दर्शन पूजन किया।

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पूरे मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतज़ाम किये गए थे। पुलिस के सुरक्षा घेरे में श्रद्धालु भगवान् के दर्शन कर अपनी मनोकामना मांग रहे थे। इस सम्बन्ध में मंदिर के पुजारी ने बताया कि वैसे तो चौथ हर महीने में पड़ता है, लेकिन माघ माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया को पड़ने वाले सकट चौथ या गणेश चौथ का अपना अलग ही धार्मिक महत्व है।

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हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की पूजा और व्रत करना फलदायी माना जाता है। इस व्रत को कई नामों से जाना जाता है। इसे तिलकुटा चौथ, संकठा चौथ, माघी चतुर्थी भी कहा जात है। इस दिन महिलाएं संतान प्राप्ती, संतान की सलामती और उनकी लंबी आयु के लिए गणेश भगवान की पूजा अर्चना करती हैं और पूरे दिन बिना कुछ खाए पिये निर्जला व्रत करती हैं।

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इसबार गणेश चौथ के शुभ मुहूर्त चतुर्थी तिथि की शुरुआत 13 जनवरी को शाम 5 बजकर 32 मिनट से है और चौथ का चंद्रमा उदय होने का समय रात 9 बजे है।इस दिन गणेश भगवान के साथ ही चंद्रमा की भी पूजा-अर्चना की जाती है। महिलाएं पूरा दिन निर्जला उपवास रहने के बाद रात में जब चांद दिखाई पड़ता है तो उसे अर्घ्य देकर छोटा सा हवन पूजन करती हैं।

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इसके बाद महिलाएं दूध और शकरकंद खाकर अपना व्रत खोलती हैं। हालांकि अनाज अगले दिन सुबह पूजा के बाद ही ग्रहण किया जाता है।

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