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वाराणसी। ‘किसान हित के लिए बने गन्ना संस्थान की जमीन को मंहगे दीनदयाल उपाध्याय स्मारक का रूप देने से बेहतर रहा होता गरीब आदमी के सस्ते भोजन की दीनदयाल कैंटीन या कोई अन्य लोक कल्याणकारी संस्थान उनके नाम बनाते।’ उक्त बातें कांग्रेस के पूर्व विधायक अजय राय ने आज एक प्रेस कांग्रेस में कही। उन्होंने स्मारकों, गलियारों पर पैसे खर्च कर रही केंद्र सरकार को आड़े हाथ लिया और बेरोज़गारों और ग़रीबों के लिए कुछ करने की बात कही।

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पड़ाव पर 74 करोड़ रुपये की लागत से बने दीनदयाल उपाध्याय स्मारक, जिसका कल प्रधानमंत्री मोदी लोकार्पण करने वाले हैं। इस प्रोजेक्ट के बारे में कांग्रेस के पूर्व विधायक अजय राय ने सरकार को प्रेस कांफ्रेंस करके घेरा है। प्रधानमंत्री के एक दिवसीय दौरे के एक दिन पहले हुई इस प्रेस कांफ्रेंस ने राजनितिक गलियारे में हलचल मचा दी है।

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अजय राय ने इस प्रोजेक्ट पर कहा कि ‘बेरोजगारी और तंगहाली के चलते परिवार के साथ आत्महत्या की शर्मनाक वारदातें हो रही हैं, तो दूसरी ओर वह नौजवानों को रोजगार देने और व्यापारी एवं किसान को घाटे एवं कर्ज से उबारने की चिन्ता छोड़ स्मारकों या गलियारों की मंहगी सौगातें थमा रहे हैं।’

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उन्होंने किसानों द्वारा आत्महत्या की बात को भी उठाते हुए कहा कि आज किसान सर्वाधिक पीड़ा के दौर में हैं। 6 साल में खेती की लागत दो से तीन गुना बढ़ी है और मामूली वृद्धि वाला समर्थन मूल्य भी किसान को पूरा नहीं मिल रहा, जससे किसान बंधु आत्महत्या जैसा बड़ा कदम उठा ले रहे हैं।

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उन्होंने पीसी के दौरान मीडिया से कहा कि धान क्रय केन्द्र एक महीने पहले बंद हो गए हैं। फसलों की जो खरीद हुई भी, वह किसानों से ज्यादा किसानों के नाम पर व्यापारियों से हुई। भारी वर्षा से कृषि क्षति का बीमा कंपनियों ने कोई भुगतान नहीं किया और अनिवार्य फसल बीमा के बाद अब केकेसी खाते खोलने की अनिवार्यता थोपने का बैंको को फरमान मिला है। उन्होंन मोदी सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि सरकार सिर्फ निजी कंपनियों के जेब भरने का कार्य कर रही है। देश के किसान आज भी उसी स्थिति में हैं जैसे पहले थे।

केंद्र सरकार द्वारा घरेलू गैस के दाम को बढ़ाने को लेकर अजय राय ने वर्तमान सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि मंहगाई ने भी सारे रिकॉर्ड तोड़ दिये हैं। रसोई गैस के दाम भाजपा राज में दोगुने हुए। 144 रुपये की ताजा वृद्धि वस्तुत: 244 रुपये की वृद्धि है, क्योंकि केंद्र सरकार द्वरा सब्सिडी भी सौ रुपये कम कर दी गई है। भाजपा सरकार बनने पर तीन सौ रुपये की रसोई गैस और तीस रुपये का पेट्रोल दिलाने के सब्जबाग वालों का अब कहीं आता पता नहीं।

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