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वाराणसी। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया है कि‍ वाराणसी में कोरोना अपडेट काफी उत्साहजनक है। केवल एक केस चार दिन पहले यहाँ पर आया था। उसके आलावा कोई भी केस वाराणसी में अभी तक नहीं आया है। लॉकडाउन के भी अच्छे परिणाम हैं। सोशल डिस्टेंसिंग का लोग पालन कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा की मुझे लगता है की अगर सोशल डिस्टेंसिंग अच्छे तरीके से पालन होती रहे तो वाराणसी में कोरोना का प्रसार नहीं हो सकता है।

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वाराणसी में फंसे लोगों को भेजा गया शेल्‍टर होम
कोरोना वायरस के प्रभाव के बाद जारी लॉकडाउन की वजह से लोगों को हो रही पेरशानियों को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। इसी क्रम में गुरुवार को जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा के नेतृत्व में लॉकडाउन की वजह से फंसे लोगों को शेल्‍टर होम में शिफ्ट करके उनके खाने पीने की मुक्कमल व्यवस्था की गयी।

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अबतक इतने लोग कि‍ये गये चि‍ह्नि‍त
इस संबंध में जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि जो भी निराश्रित और बाहर से आये लोग यहां फंस गए हैं उन्हें चिह्नि‍त करके उन्हें रेन बसेरे में शिफ्ट किया जा रहा है। अब तक करीब 150 लोगों को शिफ्ट कराया जा चुका है। इसके साथ ही ग्रामीण इलाकों में भी 200 के करीब लोग चि‍ह्नि‍त हुए हैं, उनका भी पुर्नवास कराया जा रहा है।

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आगरा से आ रही है आलू की ट्रक
इसके साथ ही उन्होंने खाद्य सामग्री को लेकर हो रही कालाबाजारी के सवाल पर बताया कि प्रशासन ने सभी जरुरी चीजों का रेट लिस्ट जारी कर दिया है, जिसका प्रचार प्रसार किया जा रह है। आलू की कमी की देखते हुए आज ट्रांसपोटर्स के साथ बैठक की गयी है। आगरा से ट्रक आ रही है इसलिए उसे आने में थोड़ा समय लग रहा है। जिसको लेकर एक लेटर जारी कर दि‍या गया है की रास्ते में आते समय उन लोगों को कोई समस्या न है।

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आज रात से बाजार में आने लगेगा आटा
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि गेहू की आवक कम होने की वजह से आटे की समस्या हो गयी थी, जिसको देखते हुए एफसीआई से अलॉटमेंट जारी करवा दिया गया है। आज रात से ही आटा मार्केट में आना शुरू हो जायेगा। जिसके बाद आटे का संकट ख़त्म हो जाएगा।

गलत समाचार पर अखबार को दी गयी नोटि‍स
इसके साथ ही जिलाधिकारी ने कल पिंडरा तहसील के एक गांव के बारे में गलत समाचार कि‍ लोग घास खाकर जी रहे हैं, प्रकाशित होने पर भी अपनी प्रति‍क्रि‍या दी है। उन्‍होंने बताया कि‍ मामले की जानकारी होते ही अधिकारियों की टीम को वहां भेजा गया था। पता चला की जो बच्चे वो खा रहे थे वह घास नहीं था, बल्कि अखरी नामक दाल थी, जिसे बच्चे खा रहे थे, जिसके बाद उस समाचार पत्र को लीगल नोटिस जारी किया गया है और 24 घंटे के अंदर स्पस्टीकरण माँगा गया है। यदि उनका जवाब संतोषजनक नहीं होगा तो उनके ऊपर कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि लोगों में भ्रम न फैले इसलिए उस दाल के बाली को मैंने भी खाया और मेरे बच्चे ने भी खाया।

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