Manoj Yadav of Banaras will conquer Mount Everest with the help of Prime Minister
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वाराणसी। लेह-लद्दाख में सबसे दुर्गम पहाड़ी स्टाक कांगड़ी ट्रेक (हिमालयन ट्रेक) की 20800 फीट की ऊंचाई को फतह करने वाले काशी के लाल मनोज यादव अब माउन्ट एवरेस्ट फतह करना चाहते हैं। इस इच्छा को अब वो प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की मदद से साकार करते दिखाई देंगे और जल्द ही वाराणसी का नाम स्वर्णिम इतिहास में दर्ज होगा। मनोज को यह आशा प्रधानमंत्री से मुलाक़ात के बाद जगी है।

प्रधानमंत्री के 16 फरवरी के वाराणसी दौरे के दरम्‍यान बीएचयू हेलीपैड पर बनारस के पर्वतारोही मनोज यादव ने उनसे मुलकात की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने मनोज से बातचीत की और उनसे उनकी दिक्कतों को जाना। जब मनोज ने आर्थिक तंगी की वजह से माउन्ट एवरेस्ट फतह न कर पाने का मलाल बताया तो प्रधानमंत्री ने पीएमओ द्वारा पत्र भेजने की बात कही और आशीर्वाद दिया।

मनोज यादव ने बताया कि बात ख़त्म होने पर जब PM मोदी के पैर छूने के लिए झुका तब प्रधानमंत्री जी ने कहा ‘स्पोर्ट्समैन कभी झुकता नहीं है और आप विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्‍ट पर वाराणसी से फतेह करो यह मेरा आशीर्वाद है।

मनोज यादव ने Live VNS को बताया कि 16 फरवरी को जब प्रधानमंत्री जी से मिलने वालों में मेरा नाम सेलेक्ट किया गया तो मेरी ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा। प्रधानमंत्री से जब मुलकात हुई तो उन्होंने हाल चाल लिया और मेरी आर्थिक स्थिति के बारे में बताया। मनोज यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री ने मुझे आशीर्वाद दिया और अपने लोकसभा क्षेत्र वाराणसी से माउंट एवरेस्ट की तैयारी करने के लिए कहा और साथ ही साथ जो तैयारी में बाधा उत्पन्न हो रही है आर्थिक रूप से उसके लिए एक मांग पत्र पीएमओ प्रधानमंत्री ऑफिस द्वारा भेजने को कहा।

जनपद के चांदपुर के रहने वाले मनोज यादव ने जब लेह-लद्दाख में सबसे दुर्गम पहाड़ी स्टाक कांगड़ी ट्रेक (हिमालयन ट्रेक) की 20800 फीट की ऊंचाई को फतह किया था तभी से उनका सपना है कि वो ‘माउन्ट एवरेस्ट भी फतह करें, लेकिन इस सपने में रोड़ा बन रहा है पैसा। मनोज के पिता अखिलेश यादव पान की दुकान चलाते हैं। मनोज ने बताया कि माउन्ट एवरेस्ट की चोटी फतह करने के लिए 10 से 20 लाख का खर्च आएगा। करीब 8 लाख नेपाल सरकार ले लेती हैं। किट, ट्रेवलिंग समेत बहुत खर्च है। भारतीय पर्वतारोहण संस्थान नई दिल्ली से दो महीने की ट्रेनिंग भी लेनी होती है।

इसके पहले मनोज यादव ने 27 नवम्बर 2019 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या से सर्किट हॉउस में उनके वाराणसी दौरे के दौरान मुलाक़ात की थी। मनोज को और उसके परिवार को अब उम्मीद है कि वह माउन्ट एवरेस्ट फतह कर लेगा।

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