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वाराणसी। नोवेल कोरोना वायरस-19 को फैलने से रोकने के लिए केंद्र सरकार ने 21 दिन का लॉकडाउन पूरे मुल्क में घोषित किया है। इस दौरान किसी भी व्यक्ति के घर से निकलने पर पाबंदी के साथ ही साथ छूट के समय सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा रहा है। ऐसे में इन तीन हफ्तों में पड़ने वाली जुमे की नमाज़ को देखते हुए शहर बनारस के मुफ़्ती अब्दुल बातिन नोमानी ने नमाज़ियों से घर मे नमाज़ पढ़ने की इल्तेजा की है।

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सोशल डिस्टेंसिंग से कोरोना वायरस को उसके खतरनाके थर्ड स्टेज में पहुंचने से रोका जा सकता है। ऐसे में जुमे की नमाज़ को लेकर मुफ़्ती ए बनारस अब्दुल बातिन नोमानी ने अपना एक बयान जारी किया है।

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अब्दुल बातिन नोमानी ने इस बयान में नमाज़ियों से अपील करते हुए कहा है कि मुल्क खतरनाक वायरस कोरोना से लड़ रहा है। ऐसे में 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के बाद 24 मार्च को प्रधानमंत्री ने कोरोना वायरस को रोकने के लिए 21 दिन का लॉकडाउन घोषित किया है। ऐसे मे सोशल डिस्टेंसिंग के लिए मस्जिदों में। जमात से नमाज़ को बंद किया गया है। इसके अलावा इस लॉकडाउन में आज होने वाली पहली जुमा की नमाज़ में हम सभी नमाज़ के लिए मस्जिद न जाएं।

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अब्दुल बातिन नोमानी ने नमाज़ियों से अपील करते हुए कहा कि मस्जिदों में सिर्फ इमाम, मुअज़्ज़िन और मस्जिद की इंतेजामिया के चार लोग नमाज़ पढ़ेंगे। बाकी लोग घरों में ज़ोहर की नीयत से नमाज़ अदा करें।

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उन्होंने ये भी कहा कि लोग पहले भी की गई अपीलों को नही मान रहे हैं पर उनसे इल्तेजा है कि मुल्क को इस खतरनाक वायरस से बचाने के लिए घरों में रहें और ज़रूरी कामों के लिए बाहर निकलते वक्त सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें।

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