श्रीकृष्‍ण ने रौंदा कालिया नाग का दंभ, गंगा किनारे दिखा वृन्दावन का नज़ारा

वाराणसी। आज कुछ समय के लिये मां गंगा, यमुना में तब्‍दील हो गयीं, जिसमें भगवान श्रीकृष्‍ण कदम के पेड़ से अपनी गेंद निकालने के लिये कूद पड़े। इसके बाद भगवान बाहर निकले तो वे सवार थे कालिया नाग पर। इस दौरान भगवान ने कालिया नाग के फन पर अपने चरण रखकर यमुना रूपी गंगा में भ्रमण भी किया। ऐसा लगा जैसे गंगा के किनारे वृन्दावन बस गया हो।

जी हां, यह दृश्‍य गुरुवार को तुलसी घाट पर देखने को मिला। सैकड़ों वर्ष पुरानी काशी की अनूठी परंपरा और चार लक्‍खी मेलों में शुमार नाग नथैया को देखने लाखों की भीड़ घाट की सीढ़ियों पर उमड़ी रही। इस दौरान परंपरा का निर्वहन करते हुए काशी नरेश महाराज डॉ अनंत नारायण सिंह भी मौजूद रहे।

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बनारस में आयोजित होने वाली इस कृष्‍ण लीला को देखने के लिए हर साल देश विदेश से बड़ी संख्‍या में सैलानी बनारस पहुंचते हैं। गोस्‍वामी तुलसीदास की कर्मस्‍थली तुलसीघाट पर गुरुवार को प्रसिद्ध नाग नथैया की लीला का मंचन किया गया। इसके साथ ही काशी में इस साल के सभी चार लक्‍खा मेले सकुशल सम्‍पन्‍न हो गये हैं।

कुल पांच मिनट की लीला देखने के लिये घाट पर लाखों की भीड़ उमड़ी रही। लीला के आयोजक व महंत प्रोफेसर विशंभर नाथ मिश्र ने भगवान श्रीकृष्‍ण की आरती उतारी। वहीं काशी नरेश महाराज डॉ अनंत नारायण सिंह भी बजड़े पर सवार होकर लीला का अवलोकन किया और परंपरानुसार पात्रों को सोने की गिन्‍नी अर्पित की।

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