नमामि गंगे ने वितरित किया तुलसी का पौधा, पर्यावरण संरक्षण हेतु बांटे गए कपड़े के झोले

वाराणसी। देवोत्थान एकादशी पर शुक्रवार को नमामि गंगे के सदस्यों ने पंचगंगा घाट पर गंगा स्नान करने आए श्रद्धालुओं को तुलसी का पौधा वितरित किया। पंचगंगा घाट स्थित मंदिर में श्रीहरि के विंदुमाधव स्वरूप की आरती कर आराधना की गई।

इस दौरान नमामि गंगे ने तुलसी विवाह कर रहीं माताओं-बहनों में पर्यावरण संरक्षण के लिए कपड़े के झोले भी वितरित किए गए। लाउडस्पीकर के माध्यम से गंगा की स्वच्छता एवं सिंगल यूज़ प्लास्टिक का प्रयोग न करने के लिए जागरूक किया गया।

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नमामि गंगे के सदस्यों ने गंगा तट पर श्रद्धालुओं द्वारा की गई गंदगी को एकत्र किया तथा लोगों को गंदगी न करने के लिए प्रेरित किया। इस सम्बन्ध में संयोजक राजेश शुक्ला ने बताया कि संस्था ने सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त काशी के बाबत पहल शुरू की है। ‌हमने यह नारा भी दिया है कि धरती माता और पर्यावरण को बचाना है तो प्लास्टिक के झोले से तौबा करना होगा। गंगा निर्मलीकरण के संकल्प को साकार करने के बाबत संस्था ने जन-जन को जोड़ने की मुहिम शुरू की है ।

उन्होंने बताया कि लोगों को ध्वनि विस्तारक यंत्र की मदद से लोगों को गंदगी न करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। अविरल-निर्मल गंगा का लोग संकल्प ले रहे हैं। भगवान विष्णु से पौधा रूपी माता तुलसी का विवाह भी हमें पर्यावरण संरक्षण की सीख देता है। इस दौरान श्री हरि भगवान विष्णु का तुलसी से विवाह संपन्न कराकर आरती उतारी गई।

इस अवसर पर काशी प्रांत संयोजक राजेश शुक्ला, महानगर सहसंयोजक शिवम अग्रहरी, सीमा चौधरी, सारिका गुप्ता, रजत अग्रवाल, रश्मि साहू, सागर अग्रवाल, हेमा गुप्ता एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण उपस्थित रहे।

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