विज्ञापन

वाराणसी। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में चल रहा पांच दिवसीय अंतर संकाय युवा महोत्सव स्पंदन 2020 अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है। स्पंदन 2020 का मंच इस बार सामाजिक संदोशों और एक भारत श्रेष्ठ भारत के नाम रहा है। महोत्सव के चौथे दिन रचनात्मक नृत्य, शास्त्रीय नृत्य, कविता पाठ, स्केचिंग, क्विज, मिमिक्री आदि की प्रतिस्पर्धाओं व नाट्य के माध्यम से सामाजिक मुद्दों को उठाया गया। लघु नाटक में निर्भया केस, बाल मजदूरी, प्लास्टिक प्रयोग ने लोगों की आंखे खोलने का कार्य किया।

विज्ञापन

एक भारत श्रेष्ठ भारतअभियान को समर्पित स्पंदन 2020 के चौथे दिन केएन उडप्पा सभागार में अभिव्यक्ति (एक्सप्रेशन) प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें 11 टीमों ने हिस्सा लिया।प्लास्टिक के बेजा उपयोग से होने वाली समस्या, विविधता में एकता जैसे विषयों को छात्रों ने मुख्तः उठाया। दर्शकों ने छात्रों के शानदार प्रदर्शन का खड़े होकर अभिवादन किया।

विज्ञापन

रचनात्मक नृत्य से दिया सामाजिक संदेश

विज्ञापन

एम्फीथिएटर ग्राउंड में रचनात्मक नृत्य प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने विभिन्न सामाजिक मुद्दों जैसे बाल मजदूरी, प्रकृति संरक्षण, खाद्य पदार्थ सरंक्षण जैसे विषयों पर नृत्य कर इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। कृषि विज्ञान संस्थान के विनय हेगड़े ने दिव्यांग बच्चों के साथ हो रहे शोषण और बाल मजदूरी के खिलाफ संदेश दिया।

विज्ञापन

जीवन्त अभिनय से छात्रों ने किया प्रभावित

स्वतंत्रता भवन सभागार में लघु नाटिका कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने निर्भया रेप केस की कारवाई में देरी के कारण उसके परिवार पर बीत रहे दर्द को मार्मिकता से दिखाया। वसंत कन्या महाविद्यालय की छात्राओं इला नामक लघु नाटिका किया, जो स्त्री विमर्श पर आधारित रहा।

स्केचिंग में दिखा होलियाना रंग

कला संकाय में स्केच प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 18प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता का विषय स्पंदन की झांकी एवं होली का त्योहार पर चित्रण कर लोगों का मन मोह लिया।

मिमिक्री पर दर्शकों ने लगाए जमकर ठहाके

मिमिक्री प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे फिर से थीम पर दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। कला संकाय के दृष्टिबाधित छात्र इंद्रजीत साकेत ने रेडियो मिमिक्री से दर्शकों को खड़े होकर तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। प्रतिभागियों के एक से बढ़कर एक एक्ट ने दर्शकों को खूब हंसाया।

शास्त्रीय नृत्य से मोहा दर्शकों का मन

पंडित ओमकारनाथ ठाकुर प्रेक्षागृह में एकल शास्त्रीय नृत्य में 23 प्रतिभागियों ने भाग लिया। एकल नृत्य में कुचीपुड़ी, कत्थक, उड़ीसी, कथकली, और भरतनाट्यम की प्रस्तुति की गई। प्रतिभागियों ने ऊर्जा से लबरेज प्रस्तुति कर दर्शकों का मन मोह लिया।

वहीं क्लासिकल वोकल सोलो में छात्रों ने अद्भुत गायन कला से श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर दिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरों की बयार और तालियों की गड़गड़ाहट से प्रेक्षागृह गूंजता रहा। इस दौरान श्रोताओं ने भारतीय शास्त्रीय संगीत की कई विधाएं को सुना और जाना।

पाश्चात्य संगीत की धुन पर दर्शक झूमने को मजबूर

एम्फीथियेटर ग्राउंड में पाश्चात्य समूह संगीत की प्रस्तुति हुई, जिसमें संगीतकारों ने लेट मी लव यू , अटेंशन, चिप थ्रिल्स जैसे गानों ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।

देखिए तस्वीरें:

 

विज्ञापन