बनारस के दो कांग्रेसी नेताओं को पार्टी अनुशासन समिति ने भेजी नोटिस, एक सप्ताह में देना है जवाब

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वाराणसी। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अनुशासन समिति ने ज़िले के दो कांग्रेस नेताओं को अनुशासत्मक नोटिस भेजा है। इनके ऊपर प्रियंका गांधी के वाराणसी दौरे पर पार्टी के विरुद्ध अनर्गल बातें कर पार्टी की छवि धूमिल करने का आरोप है।

10 जनवरी को वाराणसी पहुंची कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने सीएए का विरोध करने में जेल गए आंदोलनकारियों से पंचगंगा घाट स्थित श्रीमठ में मुलकात की थी। इस दौरान कई कांग्रेसी नेताओं को मठ में प्रवेश नहीं करने दिया गया था। प्रियंका गांधी से ना मिल पाने से नाराज़ कांग्रेस की पूर्व सचिव श्वेता राय और उनके पति विनय शंकर राय मुन्ना ने घाट की सीढ़ियों पर जमकर बवाल किया था।

इस दौरान उन्होंने मीडिया के सामने कांग्रेस के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं पर गंभीर आरोप लगाए थे। इस बात का संज्ञान लेते हुए कांग्रेस अनुशासन समिति के सदस्य पूर्व विधायक श्याम किशोर शुक्ला ने दोनों नेताओं को नोटिस जारी करते हुए एक हफ्ते में जवाब माँगा गया है।

इस पत्र में लिखा गया है कि ‘उत्तर प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति के संज्ञान में आया कि आप लोगों द्वारा 10 जनवरी को नेतृत्व (प्रियंका गांधी) के वाराणसी दौरे के समय सार्वजानिक तौर पर प्रियंका गाँधी का विरोध करने के साथ-साथ कांग्रेस विरोधी अवांछनीय और अनर्गल टिपण्णी भी की गयी। इससे पार्टी की छवि धूमिल हुई है। आपके ये कृत्य घोर अनुशासनहीनता के परिधि में आते हैं।’

पत्र में आगे लिखा गया है कि ‘आप के सप्ताह के अंदर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें की उक्त आचरण के विरुद्ध क्यों न अनुशासत्मक कार्रवाई की जाए।’

पार्टी के अनुशसन समिति के सदस्य द्वारा भेजे गए इस पात्र के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाज़ार गर्म हो गया है। देखना होगा कि श्वता राय और विनय राय इस सम्बन्ध में क्या जवाब पार्टी को भेजते हैं।

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