MI-17 हेलीकाप्टर क्रैश की प्रधानमंत्री लें ज़िम्मेदारी, शहीद हुआ था काशी का लाल

अपने देश के हेलीकॉप्टर को मार गिराये जाने पर इस्तीफा दें प्रधानमंत्री
हेलीकॉप्टर में ड्यूटी पर तैनात वाराणसी के विशाल पांडेय की गई जान
रक्षामंत्री और वायुसेना प्रमुख भी तत्काल दे दें इस्तीफा

वाराणसी। बालाकोट हवाई हमले के बाद पाकिस्तान पर जवाबी कार्रवाई में अपने ही एम आई-17 हेलीकॉप्टर को मार गिराए जाने से उसमें ड्यूटी पर तैनात वाराणसी के चौका घाट निवासी विशाल पाण्डेय वीरगति को प्राप्त हो गए। इस घटना को वायुसेना के नए प्रमुख राकेश कुमार सिंह ने भारत की चूक बताया है। इस बात को अब विपक्षी मुद्दा बनाने से नहीं चूक रहे हैं। ऐसे में वाराणसी के रहने वाले भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस समिति के रिसर्च विभाग के सचिव और कांग्रेस के स्थानीय युवा नेता गौरव कपूर ने प्रधानमंत्री से इस चूक की ज़िम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की है।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस समिति के रिसर्च विभाग के सचिव और कांग्रेस के स्थानीय युवा नेता गौरव कपूर ने बताया कि इतनी बड़ी गलती की जिम्मेदारी लेते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। कम से कम देश के रक्षामंत्री और वायुसेना प्रमुख को तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए। पूर्वांचल के रक्षामंत्री होने के नाते राजनाथ सिंह जी को नैतिकता के आधार पर भी अपना पद छोड़ दें।

गौरव कपूर ने प्रधानमंत्री के इस्तीफा की मांग करते हुए बताया कि बालाकोट हवाई हमले के बाद दूसरे दिन इस वर्ष 27 फरवरी को भारतीय एम आई-17 हेलीकॉप्टर बड़गाम में सीमा के पास निगरानी कर रहा था। उस समय भारतीय वायुसेना के स्पाइडर एयर डिफेंस ने हेलीकॉप्टर को दुश्मन का समझकर मिसाइल से मार गिराया था। इसे भारतीय वायुसेना प्रमुख ने स्वीकार कर लिया है। ऐसी गलती 1947 के बाद पहली बार हुई है।

उन्होंने बताया कि विशाल पांडेय के पिता विजय शंकर पांडेय लगभग 20 वर्षों से हुकुलगंज अर्बनहाट के सामने मकान बनाकर रहते हैं। वह वाराणसी के साजन सिनेमा हॉल में मैनेजर पद पर कार्यरत हैं। शहीद विशाल तीन भाई और उनके दो बहन हैं। बेटे की शहादत के बाद घर में गम का माहौल छा गया है। शहीद विशाल पांडेय (34) पिछले 14 वर्षों से वायुसेना में सहायक इंजिनियर के पद पर कार्यरत थे। अपने परिवार के साथ वह जम्मू में ही रहते थे। परिवार में पत्नी माधवी पांडेय, बेटा विशेष पांडेय (6), बेटी धारा (4) वर्ष है।

उनके पिता का कहना है कि विशाल हंसमुख तथा मिलनसार स्वभाव के थे। गौरव कपूर ने बताया कि उन्होंने इस वर्ष लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के घोषणा पत्र तैयार करने के सिलसिले में सेना के जवानों खासकर भूतपूर्व जवानों से मुलाकात की थी। उनके दर्द को जाना था। उन्हें इज्जत की दरकार है जबकि वे देश के लिए जान देने के लिए तैयार रहते हैं।

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