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वाराणसी। हर वर्ष की तरह भी इस बार 17 सितम्बर को डीएलडब्लू  में शिल्प, कला और निर्माण के अधिष्ठाता भगवान विश्वकर्मा का पूजनोत्सव समारोह का आयोजन गया है।

इस पावन अवसर पर कर्मचारियों द्वारा अपने कर्मशालाओं एवं कार्यस्थलों की सफाई के साथ ही फूल-पत्तियों एवं रंग-बिरंगी झण्डियों से सजाकर अपने इष्टदेव आदि शिल्पी भगवान विश्वकर्मा का भक्ति, निष्ठा एवं विधि-विधान के साथ पूजन-अर्चन किया जाएगा।

विगत वर्ष की भांति इस वर्ष भी डीएलडब्लू परिसर स्थित विभिन्‍न कार्यशालाओं एवं कार्यस्‍थलों पर भगवान विश्‍वकर्मा की मूर्तियों की स्‍थापना न कर उनकी जगह चित्रों की पूजा का निर्णय लिया गया है। डीएलडब्लू कर्मियों द्वारा लिया गया यह निर्णय पर्यावरण एवं गंगा की स्‍वच्‍छता के लिए ऐतिहासिक, प्रेरक एवं महत्‍वपूर्ण है।

 

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