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वाराणसी। वैश्विक महामारी कोविड-19 के विरुद्ध लड़ाई में भारतीय रेल भी अपनी अलग भूमिका निभा रहा है। भारतीय रेलवे कोरोना संक्रमित मरीजों की देख रेख के लिए साधराण कोचों को कोविड केयर सेंटर के रुप में परिवर्तित कर शासन व प्रशासन की मदद करने में लगा है। इस क्रम में वाराणसी मंडल द्वारा 32 साधारण कोचों को कोविड केयर सेन्टर के रूप में परिवर्तित करने के लिये कोचों में आवश्यक बदलाव का कार्य पहले ही पूरा कर लिया गया था। अब इन कोचों का उपयोग कोविड केयर सेंटर के रूप में किया जाना है।

केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा इन कोचों के प्रबन्धन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल पर सेवित कुल 7 स्टेशनों- वाराणसी सिटी, मंडुआडीह, बलिया, गाजीपुर सिटी, मऊ, भटनी तथा आजमगढ़ स्टेशनों पर रेलवे कोच कोविड केयर सेन्टर आइसोलेशन कोच की रेकों को पहुँचा दिया गया है और उनका सेनिटाइजेशन भी कर दिया गया है।

कोविड केयर सेन्टर के रूप में प्रयोग किये जाने वाले इन कोचों में माइल्ड एण्ड वेरी माइल्ड (Mild & Very Mild Covid) मरीजों को राज्य सरकार द्वारा आवश्यकता पड़ने पर रखा जायेगा। अभी ऐसी आवश्यकता की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई है पर भविष्य में ऐसी किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार के साथ समन्वय स्थापित करते हुए साफ-सफाई एवं डिसइन्फेक्शन के बाद इन कोचों वाली गाड़ियों को पूर्वोत्तर रेलवे के नामित 7 स्टेशनों पर मांग के अनुसार खड़ा किया जा चुका है।

इन रेकों को स्टेशन पर पृथक रूप से चिन्हित किये गये स्थानों पर खड़ा किया गया है और उपयोग के दौरान आने-जाने के लिए अलग से प्रवेश और निकास की सुविधा दी गयी है। आम रेल यात्रियों के लिए इनके प्लेटफार्म पर प्रवेश निषिद्ध रहेगा तथा इन कोचों में प्रवेश और निकास की पृथक व्यवस्था सुनिश्चित की गयी है।

मंडल प्रशासन द्वारा उपरोक्त सातों स्टेशन पर नोडल अधिकारियों को नामित किया गया है जो की सम्बंधित जनपद के मुख्य चिकित्साधिकारी से समन्वय स्थापित करेंगे। इसी परिप्रेक्ष्य में सम्बंधित जनपदों के मुख्य चिकित्साधिकारियों एवं नोडल रेलवे अधिकारियों द्वारा स्टेशन पर खड़ी रेलवे कोच कोविड केयर की रेकों का संयुक्त निरीक्षण किया जा चुका है।

हर रेक में कुल 12 कोच लगाये गये हैं। कोच की स्टैण्डर्ड संरचना में 10 कोच-कोविड केयर सेन्टर, एक सेकेण्ड एसी कोच एवं एक एसएलआर लगाया गया है। एक कोच में मरीजों के लिये 8 केबिन बनाये गये है। पारदर्शी प्लास्टिक परदों से युक्त, प्रत्येक कोच में बने आइसोलेशन वार्ड में पहला केबिन चिकित्सकों एवं पैरा मेडिकल स्टाफ के लिए होगा, जिसमें मरीजों के लिए ऑक्सीजन की सुविधा, दवाऐं, उपकरण आदि उपलब्ध रहेगें तथा बाकी आठ केबिन रोगियों के लिए तैयार किये गये है।

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