राजेश मि‍श्रा ने तोड़ी चुप्‍पी, Live VNS को बताया- इसलि‍ये नहीं बनूंगा प्रि‍यंका गांधी का सलाहकार

वाराणसी। उत्तर प्रदेश में मेडिकल सर्जरी के दौर से गुज़र रही कांग्रेस पार्टी को संजीवनी देने आयी प्रियंका गांधी के मंसूबों पर पानी फिरता दिख रहा है। हाल में गठित हुई नयी कमेटी के बाद प्रियंका गांधी ने अजय कुमार लल्लू को प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी थी। इसके अलावा उन्होंने एक सलाहकार परिषद की स्थापना भी की थी।

इस सलाहकार परिषद् में वाराणसी और प्रदेश के कद्दावर कांग्रेसी नेता डॉ राजेश मिश्रा को भी शामिल किया गया था, लेकिन गुरुवार को डॉ राजेश मिश्रा ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया और प्रियंका गांधी तक यह सन्देश भेजवा दिया कि वह सलाहकार परिषद् का हिस्सा नहीं बनना चाहते हैं।

कांग्रेस के पूर्व सांसद और पूर्व प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष डॉ राजेश मिश्रा ने प्रियंका गांधी की सलाहकार परिषद् में शामिल होने से इंकार कर दिया है। इस इनकार के बाद कांग्रेस पार्टी में भूचाल की स्थिति है। वाराणसी के प्रभावी और बेदाग़ छवि वाले नेता डॉ राजेश मिश्रा द्वारा यह कदम कई ओर इशारे कर रहा है। राजेश मिश्रा ने सिर्फ पद छोड़ने का एलान किया है।

इस संबंध में Live VNS ने जब डॉ राजेश मि‍श्रा से बातचीत की तो उन्‍होंने बताया कि‍ उनका कद इतना बड़ा नहीं है कि‍ वो प्रि‍यंका गांधी जैसी वरि‍ष्‍ठ नेता को सलाह दे सकें। यह पूछने पर कि‍ क्‍या आप पार्टी के फैसले से नाराज हैं, उन्‍होंने कहा, ”नाराज होने का सवाल ही नहीं उठता है, मैंने बस अपने कद को देखते हुए ये फैसला लि‍या है, प्रि‍यंका जी जैसी वरि‍ष्‍ठ नेता को मेरे जैसा कांग्रेस का अदना सा सि‍पाही भला क्‍या सलाह देगा, इसलि‍ये मैंने अभी बस अनुरोध कि‍या है कि‍ मुझे सलाहकार पद से मुक्‍त कि‍या जाए”

डॉ राजेश मि‍श्रा ने मीडि‍या में आयी उन खबरों का भी खंडन कि‍या है कि‍ वो पार्टी में नयी व्‍यवस्‍था से दु:खी हैं।

वहीं दूसरी तरफ जौनपुर के कदावर अल्पसंख्यक नेता सिराज मेहंदी ने भी पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने इस नयी गठित कमेटी में अल्पसंख्यकों की अनदेखी को इस्‍तीफे की वजह बताया है।

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