प्लास्टिक के कचरों से अब बनेगी वाराणसी में सड़क

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वाराणसी। वाराणसी में प्लास्टिक के कचरों से सड़क का निर्माण होने की तैयारी हो रही है। इसकी खासियत यह है कि इससे सड़क मजबूत रहेगी और पानी का भी इसपर काफी कम असर होगा। स्वच्छ भारत अभियान के तहत शहर के 19 कूड़ाघरों को प्लास्टिक संग्रहण केंद्रों के रुप में बदला जाएगा।

मलदहीया कूड़ाघर के पास मशीन लगाने के लिए जगह चिह्नित कर लिया गया है। बाकी के अन्य 18 कूड़ाघरों को भी जल्दी ही प्लास्टिक संग्रहण केंद्र के रुप में तब्दील कीया जाएगा। इस महीने के अंत तक प्लांट लगाकर प्लास्टिक की गोलियां बनाने का कार्य शुरु कर दिया जाएगा।

नगर स्वास्थ्य अधिकारी रामसकल यादव ने बताया कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 में शहर के कूड़ा निस्तारण व्यवस्था पर भी नंबर दिया जाएगा। इसका संचालन यूनाईटेड नेशन्स डेवलेप्मेंट प्रोग्राम के मदद से एक निजी कंपनी करेगी। स्वच्छ सर्वेक्षण में अच्छी रैंकिंग पाने के लिए यह पहल शुरु हुई है।

कैसे तैयार होगा प्लास्टिक कचरों के उत्पादों से सड़क ?
60 माईक्रॉन से कम कचरे को दो से तीन मिलीमीटर के छोटे-छोटे आकार में काटा जाता है। सड़क निर्माण में आने वाले गिट्टी को हॉट मिक्स पलांट में 160 डिग्री सेल्सियस पर गर्म किया जाता है। जिसमें उसी तापक्रम पर मिश्रण की कुल 0.4 फीसद प्लास्टिक का कचरा डाल दिया जाता है। इससे गिट्टी पर प्लास्टिक की परत चढ़ जाती है और फिर इसे तारकोल के मिश्रण में मिलाया जाता है। इस सामग्री से बने सड़क पर पानी का कम असर पड़ता है और वह लंबे समय तक चलती है।

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