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वाराणसी। दुर्गाकुण्ड स्थित धर्म सम्राट स्वामी करपात्री की तपोस्थली धर्मसंघ शिक्षा मंडल में बने मणि मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के तीसरे दिन वैदिक ऋचाओं के गूंज के बीच रुद्र महायज्ञ का आयोजन किया गया। इस महायज्ञ में 33 कुंडो में 151 पंडितों व विद्वानों द्वारा 25 लाख मंत्रों की आहूतियां दी जाएंगी। धर्मसंघ पीठाधीश्वर स्वामी शंकरदेव चैतन्य ब्रम्हचारी जी महराज के सानिध्य में यह महायज्ञ किया जा रहा है।

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मणि महोत्सव के तीसरे दिन स्वामी शंकरदेव चैतन्य ब्रम्हचारी जी महराज के सानिध्य में भक्तों के साथ जल यात्रा भी निकाला गया, जिसमें श्रद्धालु गंगा स्नान कर शोभायात्रा में शामिल हुए। इसके बाद मुख्य आचार्य पंडित लक्ष्मीकान्त दिक्षित के आचार्यत्व में 31 कुंडों में महायज्ञ शुरु किया गया।

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शाम में विशिष्ठ विद्वानों द्वारा प्रवचन का भी आयोजन किया जाएगा साथ ही किराना घराने की शास्त्रीय गायिका सुजाता गौरव का गायन भी होगा। इसके अलावा महोत्सव में बरसाना से आई राधा कृष्ण लीला संस्थान द्वारा रासलीला का मंचन भी किया गया। प्राण प्रतिष्ठा के पहले दिन कंस दरबार एवं कृष्ण जन्मोत्सव की झांकी भी सजाई गयी थी।

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बता दें कि छः दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के बाद 28 फरवरी से मणि मंदिर का द्वार श्रद्धालुओं व दर्शनार्थियों के लिए खोल दिया जाएगा।

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