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वाराणसी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को 13 मार्च के बाद पहली बार मंत्री परिषद की बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये ली और सभी मंत्रियों से कुशलक्षेम जाना। बैठक में विधायकों व मंत्रियों के वेतन से 30 फीसदी की कटौती करने पर मुहर लगी।

इस दौरान स्टाम्प एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवीन्द्र जायसवाल ने बैठक के दौरान मुख्यमंत्री व मंत्रिपरिषद को बताया कि वह विगत 8 वर्षों से वेतन ही नही लेते और उनके द्वारा नहीं लिए जाने वाला उनका वेतन मुख्यमंत्री आपदा कोष में जमा होता है। इसे जानकार मुख्‍यमंत्री भी हैरान रह गये।

इस पर मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या सहित सभी मंत्रियों ने ताली बजाकर उनके इस योगदान का अभिनंदन किया और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने कहा कि सभी मंत्रियों व विधायकों को रवीन्द्र जायसवाल से प्रेरणा लेनी चाहिए। उनका स्वभाव पूर्व से ही मदद करने का रहा है।

बैठक में समीक्षा के दौरान निर्णय लिया गया कि बैंक, मंडी इत्यादि जगहों पर सोशल डिस्टनसिंग का पालन कड़ाई से सुनिश्चित कराया जाए। घर से बाहर निकलने पर मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। N-95 मास्क का उपयोग मेडिकल वर्कर्स द्वारा किया जाए, बाकी सभी अन्य लोग कॉटन से बने 3 लेयर के बने मास्क या रुमाल, गमछे का उपयोग करें। आरोग्य सेतु ऐप को इनस्टॉल किया जाए। इसका प्रचार प्रसार भी किया जाए।

लॉक डाउन की अवधि बढ़ाने इत्यादि का निर्णय, केंद्र के निर्णय के बाद किया जाएगा। हर प्रकार के पशु चारे की व्यवस्था की जाएगी। आवारा पशुओं के चारे की भी व्यवस्था की जाएगी। विधायक निधि से वर्ष 2020-2021 और 2021-2022 से 1 करोड़ की कटौती की जा रही हैं। ये राशि उत्तर प्रदेश कोविद केअर फण्ड में स्थान्तरित की जाएगी। विधायकों के वेतन में से 30 फीसदी कटौती की जा रही है।

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