कड़ी सुरक्षा के बीच निकला साठे का जुलूस, उमड़ी ज़ायरीनों की भीड़

वाराणसी। इमाम हसन अस्करी शहादत की याद में शहर के दालमंडी स्थित पुरानी अदालत इलाके से साठे का जुलूस उठाया गया। इस जुलूस में अलम, ताबूत, जुलजनाह और अमारियों की ज़्यारत करने के लिए अकीदतमंदों की भीड़ उमड़ी थी। लोग शबीहों की ज़ियारत में मसरूफ हैं। जुलूस कड़ी सुरक्षा के बीच अपने रास्तों से होता हुआ दरगाह फातमान की तरफ बढ़ रहा है।

पुरानी अदालत से उठे इस जुलूस के उठने के पूर्व मजलिस को लखनऊ से आये मौलाना अब्बास इरशाद नकवी ने खेताब करते हुए कहा कि इमाम हसन अस्करी शिया मुसलमानों के 11वे इमाम थे, जिन्हे अपनी ज़िंदगी के ज़्यादातर वक़्त अब्बासी खलीफाओं ने उनके घर में नज़रबंद रखा। उन्होंने इमाम हसन अस्करी की शहादत पढ़ते हुए कहा कि उन्हें अब्बासी खलीफाओं ने ज़हर देकर मार दिया था। ये सुनते ही इमामबारगाह में मौजूद लोग अपने आंसू नहीं रोक पाए और ज़ारो कतार रोने लगे।

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जुलूस उठने पर अंजुमन हैदरी चौक, बनारस ने नौहा मातम किया। जुलूस अपने कदीमी रास्तों दालमंडी, खजूर वाली मस्जिद होता हुआ नई सड़क पहुंचा जहां नौजवानों ने ज़ंजीरी मातम कर खुद को लहूलुहान कर लिया। इसके बाद जुलूस शेखसलीम फाटक होता हुआ कालीमहल पहुंचा जहां मौलाना नदीम असगर ने मजलिस को खेताब किया।

जुलूस अपने रास्तों पितरकुंडा, लल्लापुरा, मुस्लिम स्कूल होता हुआ दरगाह फातमान में देर शाम को ख़त्म होगा। इस जुलूस में जगह जगह पानी के और खाने पीने के स्टाल अज़ादारों द्वारा लगाए गए हैं। जुलूस में पुलिस प्रशासन द्वारा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गयी है।

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