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वाराणसी। कोविड-19 महामारी के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए गत दो महीने से देश भर में लॉकडाउन लागू है। ऐसे में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के विभिन्न छात्रावासों में रहने वाले अधिकतर छात्र अपने घरों को लौट चुके हैं। हालांकि कुछ छात्र अपने घर नहीं लौट पाए थे व विश्वविद्यालय के विभिन्न छात्रावासों में रह रहे हैं।

बता दें की बीएचयू के बिरला और रुइया हॉस्टल के कुछ शोध छात्रों ने विश्विद्यालय प्रशासन पर जबरन हॉस्टल खाली कराने का आरोप लगाया है, जिसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा हॉस्टल में कम संख्या में बचे छात्रों को नवनिर्मित छात्रावास में स्थानांतरित करने का फैसला लिया गया है।

छात्रों की तरफ से विश्वविद्यालय प्रशासन को अऩुरोध भी किये गए हैं कि वे घर जाना चाहते हैं। लॉकडाउन में मिली रियायतों के आलोक में छात्रावासों में रह रहे छात्रों को सुरक्षित उनके घर पंहुचाने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने विशेष इंतज़ाम किये हैं।

ज़िला प्रशासन के सहयोग से ऐसे छात्रों को घर भेजने के लिए ज़रूरी अनुमति/पास का प्रबंध किया ही गया है, इन छात्रों को बीएचयू से उनके घरों तक सुरक्षित पंहुचाने के लिए बसों की भी व्यवस्था की गई है। छात्रों के हित में और उनकी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखते हुए उनका स्वास्थ्य परीक्षण हो रहा है और उन्हें यात्रा के लिए सैनेटाइज़र व मास्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं व जलपान की व्यवस्था भी की जा रही है।

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार इन व्यवस्थाओं के तहत पिछले दो दिनों में तकरीबन 150 छात्रों को उनके घर पंहुचाया गया है। यात्रा के दौरान सोशल डिसटेंसिंग समेत सुरक्षा के मानकों का भी पूरा पालन किया जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रावासों में रह रहे अन्य छात्रों के भी सम्पर्क में है और उन्हे घर पंहुचाने के लिए भी व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

इसके अतिरिक्त जिन छात्रावासों में फिलहाल बहुत कम संख्या में छात्र बचे हैं ऐसे सभी छात्रों को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत जोधपुर कालोनी स्थित दृश्य कला संकाय के नवनिर्मित छात्रावास में स्थानांतरित करने का फ़ैसला लिया गया है और ये कार्य आरंभ हो गया है। छात्रों के लिए समुचित प्रबंधन की दृष्टि से विश्वविद्यालय प्रशासन ने ये निर्णय लिया है।

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