तो क्या अब वाराणसी में भी थाने पर तैनाती के लिए होंगे ‘इंट्रेस एग्जाम’?

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वाराणसी। जनपद के नवागत एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने रविवार को कार्यभार संभाला। 2010 बैच के आईपीएस अधिकारी प्रभाकर चौधरी जहां भी रहे जनता और पुलिस के बीच के मित्रवत व्यहवहार के लिए जाने गए। मथुरा हो या बुलंदशहर या सोनभद्र सभी जगह उनके काम की तारीफ़ आज भी होती है और लोग उन्हें याद करते हैं।

इसी कड़ी में देवरिया जनपद में पुलिसिंग को चुस्त दुरुस्त करने के लिए उस समय वहां एसपी पद पर तैनात प्रभाकर चौधरी की कवायद अब क्या बनारस के थानों पर भी लागू होगी, ऐसी चर्चाएं शुरू हो गयी है।

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वाराणसी जनपद में चार्ज संभालते ही एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने किसी भी हाल में दोषी पुलिसकर्मियों के ना बख्शे जाने के तेवर, कारखास प्रणाली को समाप्त करने और पैरवी ख़त्म करने के रुख से इस बात को बल मिलता है कि वाराणसी में भी देवरिया का सिस्टम लागू हो सकता है।

आईपीएस प्रभाकर चौधरी युवा होने के चलते पुलिस महकमे में नए प्रयोग भी करने के लिए जाने जाते हैं। 2010 बैच के आईपीएस प्रभाकर चौधरी देवरिया में बतौर एसपी पोस्टिंग के दौरान उन्होंने जोड़-जुगाड़ की जगह योग्य थानेदारों की तैनाती का सिस्टम तैयार किया था।

इसके लिए दारोगाओं की परीक्षा ली जाती थी। मेरिट के आधार पर थाने बंटते थे। किसी नेता विधायक या मंत्री की कोई सिफारिश नहीं चलती थी, जिससे थानों से जनता को काफी हद तक न्याय मिलने लगा था।

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