प्रतिकात्मक चित्र
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वाराणसी। गंगा में जल्द ही मार्कंडेय महादेव और शुलटंकेश्वर के बीच क्रूज का संचालन शुरु होगा। इस संबंध में पर्यटन विभाग कार्य योजना तैयार कर रहा है। विभाग शुलटंकेश्वर को ईको टूरिज्म के रुप में विकसित करने के लिए पौने दो करोड़ रुपये से विकास कार्य करने जा रहा है।

इस सम्बन्ध में धर्माथ कार्यमंत्री एवं पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ नीलकंठ तिवारी ने बताया कि काशी के धार्मिक पर्यटन के लिए सरकार कई तरह की योजनाएं बना रही है। काशी के बाहर भी ले जाने के लिए आसपास के इलाकों को विकसित करने की योजना है। शूलटेंकेश्वर में ईको पर्यटन हब बनाने की तैयारी है, जहां वाटर स्पोर्ट सहित विभिन्न गतिविधियां गंगा जलमार्ग के जरिये शुरु की जा सकेगी।

राज्यमंत्री डॉ नीलकंठ तिवारी ने बताया कि पर्यटन विभाग पौने दो करोड़ रुपये से शुल्टंकेश्वर से घाट तक मार्ग निर्माण, जनसुविधाओं का विकास, अस्थायी जेटी, पार्किंग, लाइट और बेंच लगाने जा रहा है। इसकी डीपीआर की मंजूरी मिल चुकी है।

वहीं मार्कंडेय महादेव धाम को भी धार्मिक पर्यटन से जोड़ा जाएगा। यहां संगम तट पर विकास कार्य कराया जा रहा है। आगामी दिनों में जुरुरत के हिसाब से इसे और विस्तार दिया जाएगा। डॉ नीलकंठ तीवारी ने कहा कि जल्द ही दोनों स्थलों को क्रूज से भी जोड़ा जाएगा। इसके लिए गोवा में तैयार क्रूज मंगाए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि मार्कंडेय महादेव धाम व गंगा गोमती संगम तट पर 20 करोड़ रुपये से गंगा गोमती संगम पर 125 मीटर लंबा पक्का घाट, मिट्टी और पत्थरों से पैचिंग का काम चल रहा है। हैरिटेज लुक में दिखाने के लिए राजस्थान से स्ट्रक्चर लग रहे हैं। घाट पर चेंचिंग रुम, राजस्थानी छतरियां, बेंच, हाईमास्कट सोलर लाइट, वाटर कुलर के भी प्रबंध होंगे। मंदिर में मारकंडेय ऋषि की प्रतिमा भी स्थापित होगी।

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