इस बार देव दीपावली पर भव्‍य आयोजन को लेकर गहरा रहे संशय के बादल

वाराणसी। देव दीपावली पर वाराणसी की रंगत कि‍तनी भव्‍य होती है ये बात कि‍सी से छि‍पी नहीं है। दूर-दूर से लोग वाराणसी के घाटों पर यहां की रौनक देखने उमड़ते हैं। बात चाहे दशाश्‍वमेध घाट की हो या फि‍र शीतला घाट की, देव दीपावली की शाम यहां आयोजि‍त होने वाली मां गंगा की भव्‍य महाआरती और गंगा में तैरते मंच पर नामी कलाकारों की उपस्‍थि‍ति‍ का इंतजार हर कि‍सी को रहता है। मगर इस बार इस भव्‍य आयोजन को लेकर संशय के बादल गहरा रहे हैं।

पि‍छले 25 सालों से वाराणसी के दशाश्‍वमेध घाट पर होने वाली गंगा आरती और उसमें देव दीपावली की शाम होने वाली भव्‍य महाआरती पर इस वर्ष आशंकाओं के बादल मंडरा रहे हैं। बताया जा रहा है कि‍ प्रशासन की ओर से इस बार सुरक्षा की बात कहते हुए गंगा में पर्याप्‍त पीपा नहीं उपलब्‍ध कराया जा रहा है, जि‍ससे आयोजन समि‍ति‍यों ने अपने हाथ खड़े कर लि‍ये हैं।

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दशाश्‍वमेध घाट की गंगा सेवा नि‍धी और शीतला घाट की गंगोत्री सेवा नि‍धि‍ को प्रशासन की ओर से दी जा रही तीन पीपे को लेकर दोनों ही आयोजन समि‍ति‍यों में मायूसी है। कहा जा रहा है कि‍ प्रशासन के हठ के चलते इस बार देव दीपावली पर शायद भव्‍य आयोजन कराना संभव न हो पाये।

सूत्रों की मानें तो हर 2010 से पहले दशाश्‍वमेध घाट पर जहां आठ पीपे पर मंच बनाया जाता था वहीं हाल के वर्षों में इसे घटाकर 6 पीपे का मंच कर दि‍या गया था। मगर, इस बार प्रशासन की ओर से मात्र तीन पीपे की ही स्‍वीकृति‍ दी जा रही है, जि‍सपर आयोजन समि‍ति‍यों को ऐतराज है। ऐसे में जब महज चंद दि‍नों बाद ही देवदीपावली का महापर्व हो, आयोजन समि‍ति‍यों में अजीब सी मायूसी देखने को मि‍ल रही है।

इस संबंध में जब गंगा सेवा नि‍धि‍ से जुड़े लोगों से संपर्क करने की कोशि‍श हुई तो उन्‍होंने बताया कि‍ फि‍लहाल बातचीत चल रही है शुक्रवार को इस संबंध में अंति‍म फैसला करके मीडि‍या को जानकारी दी जाएगी।

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