बड़ी खबर : देव दीपावली पर फीका रहेगा दशाश्‍वमेध घाट का नजारा, नहीं होगी महाआरती

वाराणसी। इस बार देव दीपावली के अवसर पर दशाश्‍वमेध घाट का नजारा बि‍ल्‍कुल फीका रहने वाला है। कारण, गंगा में पर्याप्‍त पीपा न उपलब्‍ध कराये जाने पर यहां हर वर्ष आयोजि‍त होने वाली भव्‍य महाआरती को रद कर दि‍या गया है।

बेनतीजा रही बातचीत
पि‍छले काफी दि‍नों से पीपे की उपलब्‍धता को लेकर चल रही जि‍ला प्रशासन और गंगा सेवा नि‍धि‍ के बीच वार्ता आखि‍रकार बेनतीजा साबि‍त हुई, जि‍सके बाद अब न तो इस बार देव दीपावली पर गणमान्‍य मेहमानों का आगमन होगा और न ही रि‍द्धि‍-सि‍द्धि‍ युक्‍त मां गंगा की भव्‍य महाआरती ही देखने को मि‍लेगी।

हर साल उमड़ता है लाखों का रेला
रवि‍वार को गंगा सेवा नि‍धि‍ की ओर से इस संबंध में बैठक के बाद ये फैसला लि‍या गया है। गंगा सेवा नि‍धि‍ के अध्‍यक्ष सुशांत मि‍श्र ने इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि‍ इस देव दीपावली पर मां गंगा की महाआरती का आयोजन करना संभव नहीं होगा। सुशांत के अनुसार देव दीपावली की शाम चूंकि‍ दशाश्‍वमेध घाट पर लाखों लोगों का हुजूम उमड़ता है, ऐसे में हर साल ये परंपरा रही है कि‍ आमंत्रि‍त वि‍शि‍ष्‍ट अतिथि‍यों को पीपे पर मंच बनाकर बि‍ठाया जाता रहा है। चूंकि‍, घाट पर हमारे पास पर्याप्‍त जगह नहीं है, ऐसे में वि‍शि‍ष्‍ट अति‍थि‍यों, जि‍नमें फि‍ल्‍म स्‍टार, राजनीति‍क हस्‍ति‍यां, केंद्रीय मंत्री, राज्‍यपाल आदि‍ शामि‍ल होते हैं इनके लि‍ये अलग से मंच बनाया जाता है।

सुरक्षा के दृष्‍टि‍गत बनाया जाता है मंच
सुशांत मि‍श्र ने बताया कि‍ देव दीपावली पर चूंकि‍ भीड़ अधि‍क होती है ऐसे में फि‍ल्‍म स्‍टार आदि‍ वि‍शि‍ष्‍ट अति‍थि‍यों की सुरक्षा को लेकर भी खतरा होता है। ऐसे में गंगा में पीपे का मंच होने के चलते घाट पर भगदड़ की स्‍थि‍ति‍ पैदा नहीं होती है। लेकि‍न, चूंकि‍ इस बार प्रशासन की ओर से ऐन मौके पर पीपे की अनुमति‍ नहीं दी गयी है, तो हमने भी दशाश्‍वमेध घाट पर भव्‍य आरती के कार्यक्रम को रद करना ही बेहतर समझा।

होगी रोज की तरह सामान्‍य आरती
सुशांत मि‍श्र के अनुसार इस बार देव दीपावली के दि‍न भी रोज की तरह ही सात अर्चकों की मां गंगा की आरती की जाएगी, जबकि‍ हर वर्ष इस महापर्व पर हम 21 अर्चकों और रि‍द्धि‍-सि‍द्धि‍ के रूप में 42 कन्‍याओं के साथ भव्‍य महाआरती करते थे। हालांकि‍ सुशांत ने हर वर्ष देव दीपावली के दि‍न दशाश्‍वमेध घाट पर गंगा सेवा नि‍धि‍ की ओर से देश के अमर शहीदों की याद में जलाये जाने वाले अखंड ज्‍योति‍ और शहीदों के परि‍जनों को दि‍ये जाने वाले भगि‍रथी शौर्य सम्‍मान कार्यक्रम को स्‍थगि‍त नहीं कि‍ये जाने की भी बात दोहरायी है।

प्रधानमंत्री को भेजी गयी पाती
सुशांत मि‍श्र ने बताया कि‍ चूंकि‍ देश के प्रधानमंत्री और वाराणसी के सांसद नरेन्‍द्र मोदी जी भी दशाश्‍वमेध घाट की गंगा आरती से काफी प्रभावि‍त हैं और यहां उन्‍होंने कई बार बैठकर मां गंगा की आरती का पुण्‍य लाभ उठाया है, ऐसे में हमने पत्र लि‍खकर इस पूरी परि‍स्‍थि‍ति‍ से उनको अवगत कराने का कार्य कि‍या है।

न जाने प्रशासन ने क्‍यों नहीं दि‍या मंच
वहीं गंगा सेवा नि‍धि‍ से जुड़े अन्‍य सूत्रों की मानें तो प्रशासन से जि‍तनी बार भी बात हुई उसमें उनकी ओर से यही कहा जाता था कि‍ मंच के पीछे के बैकड्रॉप को हटा लि‍या जाए, जि‍ससे पीछे की नौकाओं और गंगा में चलने वाले क्रूज़ भी भव्‍य आरती का नजारा ले सकें। सुरक्षा के दृष्‍टि‍कोंण से ये ठीक नहीं था, बावजूद हमारी ओर से बैकड्रॉप को भी हटाने के लि‍ये हामी भर दी गयी थी। हम मंच के बैकड्राप की जगह तीन फीट की बैरीकेडिंग के लि‍ये भी तैयार थे, मगर न जाने क्‍यों ऐन मौके पर मंच बनाने के लि‍ये पीपे की मंजूरी नहीं मि‍ली।

तो मायूस होंगे देसी-वि‍देशी पर्यटक
बता दें कि‍ देव दीपावली के पर्व पर गंगा सेवा नि‍धि‍ की ओर से दशाश्‍वमेध घाट पर आयोजि‍त मां गंगा की भव्‍य महाआरती भारत सरकार के अतुल्‍य भारत अभि‍यान (इनक्रेडि‍बल इंडि‍या) का खूबसूरत हि‍स्‍सा है। और तो और इस भव्‍य आरती को देखते हुए देश की कई नदि‍यों पर ऐसी ही आरती की नकल की जाती रही है। ऐसे में इस महापर्व पर वाराणसी में भव्‍य आरती का नजारा न दि‍खना यहां आने वाले तमाम देसी-वि‍देशी पर्यटकों के लि‍ये मायूसी का सबब बन सकता है।

देखें वीडि‍यो, मीडि‍या से क्‍या बोले सुशांत मि‍श्र

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