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वाराणसी। 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के बाद शुरू हुआ लॉकडाउन का लंबा सि‍लसि‍ला कब तक खत्‍म होगा कि‍सी को नहीं पता। इधर कोरोना वायरस के मामलों में भी तेजी से इजाफा होने लगा है। बावजूद इसके लोगों की आवश्‍यक्‍ताओं और व्‍यापारि‍यों के रोजी रोजगार को देखते हुए लॉकडान के 59 दि‍न बाद आखि‍रकार वाराणसी की सड़कों पर थोड़ी रौनक लौटती दि‍खी। हालांकि‍, अफसोसजनक रूप से ज्‍यादातर जगहों पर लोग सोशल डि‍स्‍टेंसिंग को भूलकर आफत को न्‍यौता देते दि‍खे।

लॉकडाउन का चौथा चरण जारी है। इसके साथ ही बुधवार से वाराणसी के वि‍भि‍न्‍न बाजारों में लेफ्ट राइट प्रणाली के तहत बाजार खुलने लगे हैं। हॉटस्‍पॉट एरि‍या को छोड़कर जि‍ले के सभी बड़े बाजार बुधवार को खुले। इसमें रोजमर्रा के जरूरतों की दुकानों के अलावा कपड़े, फुटवि‍यर, सैलून, आभूषणों की दुकानें और प्रति‍ष्‍ठानों के शटर भी 59 दि‍न बाद खोले गये। कई इलाकों में पान की दुकानें भी खुलीं।

बनारस के मैदागि‍न, चौक, दालमंडी, नयी सड़क, लहुराबीर, गोदौलि‍या, गुरुबाग, रथयात्रा, सि‍गरा, मलदहि‍या, भेलूपुर, दुर्गाकुंड, लंका, सुंदरपुर, ककरमत्‍ता, मंडुआडीह, चि‍तईपुर, कचहरी, पांडेयपुर, पहड़ि‍या, आशापुर, भोजूबीर, शि‍वपुर, अर्दली बाजार सहि‍त तमाम इलाकों में लेफ्ट राइट प्रणाली के तहत दुकानें खुलीं। वहीं कई इलाकों में गलि‍यों में लेफ्ट राइट प्रणाली की जानकारी न होने के कारण दोनों तरफ की दुकानें भी खुली दि‍खीं।

इस बीच लोगों में कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर भय तो जरूर देखा गया, मगर ज्‍यादातर लोग सोशल डि‍स्‍टेंसिंग का पालन करते नहीं दि‍खे। कई जगह मि‍ठाई की दुकान पर खड़े होकर लोग स्‍वाद लेते दि‍खे तो कई दुकानों पर भीड़ लगाकर खरीददारी करते।

आइये तस्‍वीरें के जरि‍ये देखते हैं वाराणसी का हाल

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