रंग लायी फैंटम सिपाही सुनील और कांस्‍टेबल सरि‍ता की मेहनत, अपनों तक पहुंचा मासूम इमरान

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वाराणसी। मडुवाडीह थाने के फैंटम सिपाही सुनील और कांस्‍टेबल सरि‍ता का अथक परि‍श्रम आखि‍रकार रंग लाया। सोमवार सुबह भटकता मि‍ला तीन वर्षीय मासूम इमरान आखि‍रकार अपने परि‍जनों के पास पहुंच गया।

मंडुवाडीह थाना के समीप एक 3 साल का बच्चा रोड के किनारे रोते हुए मि‍ला। बताया गया कि‍ वह अपने मां बाप से रास्ते में कहीं बिछड़ गया था। इसके बाद मंडुवाडीह थाने की कांस्टेबल सरिता मौर्या की नि‍गाह बच्‍चे पर पड़ी। बच्‍चा बेहि‍साब रो रहा था।

सरि‍ता बच्चे को गोद में उठाकर बिस्किट दिलाते हुए उसे मडुवाडीह थाने ले आयीं। थाने पर सूचना देने के बाद उन्‍होंने तुरंत ही व्हाट्सएप व सोशल साइट पर बच्चे की फोटो डालकर बिछड़े मां बाप से मिलाने की कोशिश में जुट गयीं।

इसके बाद फैंटम दस्‍ते के सि‍पाही सुनील ने बच्‍चे को बाइक पर बि‍ठाकर घंटों उसके मां-बाप की तलाश की। जैसे ही वह डिहवा पहुँचे, सुबह से इमरान के इंतजार में रो-रोकर व्‍याकुल माँ की पथराई आंखे अपने लाल को देखने के बाद एक बार फि‍र से छलक पड़ीं।

इमरान की मां के अनुसार उनके मन में पूरा विश्वास था कि उनका लाल उनकी आँखों के सामने आएगा और सिपाही सुनील और कांस्‍टेबल सरि‍ता मौर्य की मदद से वह पल भी आ गया। इस घटना की चर्चा इलाके में होती रही। लोगों ने दोनों पुलि‍सकर्मि‍यों के कार्य भी भूरि‍-भूरि‍ प्रशंसा की।

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